कक्षा 4 हिंदी पाठ योजना (Activity-Based, PDF )
परिचय-
कक्षा 4 वह स्तर है जहाँ बच्चे पढ़ना-लिखना सीख चुके होते हैं और अब उन्हें भाषा का सही उपयोग, विचार व्यक्त करना और समझ विकसित करना सिखाना जरूरी होता है। इस चरण पर शिक्षक की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
एक प्रभावी Class 4 Hindi Lesson Plan न केवल पढ़ाने को आसान बनाता है बल्कि बच्चों की रचनात्मकता, सोचने की क्षमता और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको एक ऐसा unique और practical lesson plan दे रहे हैं जो:
- class 4 hindi lesson plan Activity-based है
- बच्चों के स्तर के अनुसार है
- और classroom में तुरंत उपयोग किया जा सकता है
Hindi Lesson Plan Class 4 (कक्षा 4 हिंदी पाठ योजना)
पाठ विवरण
- कक्षा: 4
- विषय: हिंदी
- पाठ का नाम: ईमानदारी का महत्व
- समय: 40-45 मिनट
- पाठ का प्रकार: नैतिक/कहानी आधारित
पाठ योजना (Class 4 hindi lesson plan)
| विद्यालय का नाम | विषय (Subject) | कक्षा (Class) | समय (Duration) |
| [विद्यालय का नाम यहाँ लिखें] | हिंदी (साहित्य/नैतिक शिक्षा) | 4 (चौथी) | 40-45 मिनट |
| प्रकरण (Topic)- ईमानदारी का महत्व (नैतिक कहानी आधारित) | |||
|
1. सामान्य उद्देश्य- |
|
||||||||||
| 2. विशिष्ट उद्देश्य- |
|
||||||||||
| 3. शिक्षण सहायक सामग्री- | ‘लकड़हारा और सुनहरी कुल्हाड़ी’ कहानी का चार्ट, महापुरुषों के चित्र (जैसे महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री), वीडियो क्लिप या पीपीटी। | ||||||||||
| 4. शिक्षण विधि – | कहानी कथन (Storytelling), रोल प्ले (Role Play), और सामूहिक चर्चा। | ||||||||||
| 5. पूर्वज्ञान – | छात्रों को सच बोलने और झूठ बोलने के परिणामों के बारे में बुनियादी जानकारी है। | ||||||||||
| 6. प्रस्तावना – |
|
||||||||||
| 7. उद्देश्य कथन – | बच्चों, आज हम “ईमानदारी का महत्व” विषय पर आधारित एक प्रेरणादायक कहानी पढ़ेंगे और सीखेंगे कि “ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है”। | ||||||||||
| 8. प्रस्तुतिकरण – |
|
||||||||||
| 9. श्यामपट्ट कार्य – |
|
||||||||||
| 10. निरीक्षण कार्य – | छात्रों को कहानी का नैतिक सार लिखने के लिए कहा जाएगा और छात्राध्यापिका व्यक्तिगत सहायता करेंगी। | ||||||||||
| 11. पुनरावृत्ति प्रश्न: |
|
||||||||||
| 12. गृहकार्य – | 1. “ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है” विषय पर 100 शब्दों का पैराग्राफ लिखें।
2. अपने घर के किसी बड़े व्यक्ति से ईमानदारी की कोई सच्ची घटना सुनें और कक्षा में सुनाने की तैयारी करें। 3. एक चार्ट पेपर पर ईमानदारी से संबंधित कोई एक सुविचार सुन्दर अक्षरों में लिखकर लाएं। |
📥 Hindi Lesson Plan PDF Download (Class 1 to 5)
👉 अगर आप complete lesson plan for class 1 to 5 in hindi pdf डाउनलोड करना चाहते हैं:

कक्षा 4 हिंदी – वीणा
संपूर्ण पाठ-आधारित Class 4 hindi lesson plan
NCERT हिंदी पाठ्यपुस्तक – वीणा
13 पाठों के विस्तृत एवं गतिविधि-आधारित पाठ योजना
उद्देश्य • पूर्व ज्ञान • प्रस्तावना • प्रस्तुतीकरण • अभ्यास • मूल्यांकन
📚 विषय-सूची / Lesson Plan Index
किसी भी पाठ पर क्लिक करके सीधे Lesson Plan पर जाएँ
✓ शैक्षिक उद्देश्य
✓ अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
✓ शिक्षण विधियाँ
✓ शिक्षण सहायक सामग्री
✓ पूर्व ज्ञान
✓ प्रस्तावना एवं उद्देश्य कथन
✓ 6 चरणों वाली विस्तृत शिक्षण प्रक्रिया
✓ गृहकार्य
✓ मूल्यांकन
पाठ 1 – चिड़िया का गीत
कविता आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी कविता को शुद्ध उच्चारण एवं उचित लय के साथ पढ़ सकेंगे।
2. विद्यार्थी चिड़िया के जीवन और उसकी स्वतंत्रता के भाव को समझ सकेंगे।
3. विद्यार्थी कविता में आए नए शब्दों के अर्थ बता सकेंगे।
4. विद्यार्थी प्रकृति एवं पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी कविता के भाव एवं मुख्य विचार को अपने शब्दों में बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी कविता का सस्वर एवं भावपूर्ण वाचन कर सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी पक्षियों और प्रकृति के प्रति प्रेम एवं संरक्षण की भावना रखेंगे।
शिक्षण सामग्री: पाठ्यपुस्तक, चिड़िया के चित्र, पक्षियों की आवाज का ऑडियो, श्यामपट्ट।
विधियाँ: प्रश्नोत्तर, वाचन, चर्चा, प्रदर्शन एवं गतिविधि विधि।
विद्यार्थी चिड़िया, घोंसला, पेड़ और पक्षियों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
| शिक्षक के प्रश्न | विद्यार्थियों के संभावित उत्तर |
|---|---|
| क्या आपने कभी चिड़िया को गाते हुए सुना है? | हाँ। |
| चिड़िया कहाँ रहती है? | घोंसले में। |
| चिड़िया किस प्रकार उड़ती है? | पंखों से। |
| पक्षियों को भोजन कौन देता है? | प्रकृति। |
| आज हम किसके गीत के बारे में पढ़ेंगे? | चिड़िया के। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘चिड़िया का गीत’ कविता पढ़ेंगे और उसके भाव को समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
शिक्षक चिड़िया का चित्र दिखाकर विद्यार्थियों से बातचीत करता है। चिड़िया की चहचहाहट का ऑडियो सुनाता है और पूछता है कि उन्होंने कौन-सी आवाज सुनी। | विद्यार्थी चित्र देखते हैं, आवाज पहचानते हैं तथा अपने अनुभव बताते हैं। | चिड़िया – पक्षी गीत – मधुर ध्वनि |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
शिक्षक कविता का आदर्श वाचन करता है। उच्चारण, विराम, गति और लय पर विशेष ध्यान देता है। इसके बाद विद्यार्थियों से पंक्ति-दर-पंक्ति वाचन करवाता है। | विद्यार्थी ध्यानपूर्वक सुनते हैं और शिक्षक के साथ कविता का सस्वर वाचन करते हैं। | चिड़िया का गीत सस्वर वाचन |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
शिक्षक कविता में चिड़िया की स्वतंत्रता, प्रकृति से संबंध और आनंदपूर्ण जीवन को सरल उदाहरणों से समझाता है। विकासात्मक प्रश्न: 1. चिड़िया क्या करती है? – गाती है 2. चिड़िया कहाँ उड़ती है? – आकाश 3. चिड़िया को क्या प्रिय है? – स्वतंत्रता बोध प्रश्न: 1. कविता में किसका वर्णन है? – चिड़िया का। 2. कविता हमें क्या सीख देती है? – प्रकृति से प्रेम। |
विद्यार्थी प्रश्नों के उत्तर देते हैं, कविता का भाव बताते हैं तथा नए शब्दों का अर्थ समझते हैं। | चिड़िया स्वतंत्रता प्रकृति-प्रेम |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
शिक्षक विद्यार्थियों को कविता की दो पंक्तियाँ भाव के साथ पढ़ने के लिए कहता है। फिर चिड़िया का चित्र बनाने तथा उसके बारे में दो वाक्य लिखने की गतिविधि करवाता है। | विद्यार्थी कविता पढ़ते हैं, चित्र बनाते हैं और दो वाक्य लिखते हैं। | चित्र – चिड़िया दो वाक्य |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
शिक्षक मौखिक प्रश्नों द्वारा पाठ की समझ जाँचता है। | विद्यार्थी उत्तर देते हैं। | मौखिक मूल्यांकन |
| 6. समापन 2 मिनट |
शिक्षक बताता है कि पक्षी प्रकृति का महत्वपूर्ण भाग हैं। हमें उनके लिए दाना-पानी रखना और उनके घोंसलों की रक्षा करनी चाहिए। | विद्यार्थी पक्षियों की रक्षा करने का संकल्प लेते हैं। | पक्षी संरक्षण |
2. चिड़िया का चित्र बनाकर उसके बारे में पाँच वाक्य लिखें।
3. पाठ के पाँच नए शब्द लिखकर उनके अर्थ लिखें।
2. चिड़िया किस प्रकार उड़ती है?
3. ‘स्वतंत्रता’ शब्द का अर्थ लिखिए।
4. पक्षियों की रक्षा हमें क्यों करनी चाहिए?
5. कविता से आपको क्या सीख मिलती है?
पाठ 2 – बगीचे का घोंघा
कहानी आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी कहानी को क्रमबद्ध रूप से पढ़ और समझ सकेंगे।
2. विद्यार्थी घोंघे के जीवन एवं उसकी विशेषताओं को जान सकेंगे।
3. विद्यार्थी धैर्य और निरंतर प्रयास के महत्व को समझ सकेंगे।
4. विद्यार्थी कहानी के आधार पर अपने विचार व्यक्त कर सकेंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी कहानी की प्रमुख घटनाएँ बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी कहानी का क्रमबद्ध वाचन कर सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी छोटे जीवों के प्रति दया और संवेदना रखेंगे।
शिक्षण सामग्री: घोंघे का चित्र/मॉडल, पाठ्यपुस्तक, श्यामपट्ट।
विधियाँ: कहानी कथन, प्रश्नोत्तर, चर्चा, गतिविधि।
विद्यार्थी बगीचे, छोटे जीव-जंतुओं और कीट-पतंगों से सामान्य रूप से परिचित हैं।
| शिक्षक के प्रश्न | संभावित उत्तर |
|---|---|
| बगीचे में कौन-कौन से जीव दिखाई देते हैं? | कीट-पतंगे। |
| क्या आपने घोंघा देखा है? | हाँ। |
| घोंघा तेज चलता है या धीरे? | धीरे। |
| घोंघे का शरीर किससे ढका होता है? | खोल से। |
| आज हम किसकी कहानी पढ़ेंगे? | घोंघे की। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘बगीचे का घोंघा’ पाठ पढ़ेंगे और धैर्य एवं निरंतर प्रयास का महत्व समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
शिक्षक घोंघे का चित्र दिखाकर उसकी चाल और शरीर की विशेषताओं पर चर्चा करता है। | विद्यार्थी चित्र देखते हैं और अपने अनुभव बताते हैं। | घोंघा – धीमी चाल |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
शिक्षक कहानी का आदर्श वाचन करता है। कठिन शब्दों का उच्चारण करवाता है और घटनाओं को क्रम से समझाता है। | विद्यार्थी अनुच्छेद पढ़ते हैं और कठिन शब्दों को रेखांकित करते हैं। | धैर्य प्रयास निरंतरता |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
शिक्षक कहानी की घटनाओं को सरल भाषा में समझाता है। विकासात्मक प्रश्न: 1. कहानी में कौन-सा जीव है? – घोंघा 2. घोंघा कैसे चलता है? – धीरे 3. घोंघे की विशेषता क्या है? – धैर्य बोध प्रश्न: 1. घोंघे से हमें क्या सीख मिलती है? – धैर्य की। 2. हमें कार्य करते समय क्या रखना चाहिए? – निरंतर प्रयास। |
विद्यार्थी प्रश्नों के उत्तर देते हैं और कहानी का मुख्य संदेश बताते हैं। | धैर्य = धीरज प्रयास = कोशिश |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
शिक्षक विद्यार्थियों से कहानी की घटनाओं को क्रम में बोलने और घोंघे का चित्र बनाने को कहता है। | विद्यार्थी घटनाओं का क्रम बताते हैं और चित्र बनाते हैं। | घटना क्रम |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
मौखिक प्रश्नों से कहानी की समझ जाँची जाती है। | विद्यार्थी उत्तर देते हैं। | मूल्यांकन |
| 6. समापन 2 मिनट |
शिक्षक समझाता है कि गति धीमी होने पर भी लगातार प्रयास करने से सफलता प्राप्त की जा सकती है। | विद्यार्थी संदेश दोहराते हैं। | “लगातार प्रयास = सफलता” |
2. ‘धैर्य’ शब्द से एक वाक्य बनाइए।
3. कहानी से पाँच कठिन शब्द लिखिए।
2. घोंघे की चाल कैसी होती है?
3. घोंघे से हमें क्या सीख मिलती है?
4. धैर्य का क्या अर्थ है?
5. निरंतर प्रयास क्यों आवश्यक है?
पाठ 3 – नीम class 4 hindi lesson plan
प्रकृति एवं पर्यावरण आधारित कविता
1. विद्यार्थी नीम के वृक्ष की विशेषताओं को समझ सकेंगे।
2. विद्यार्थी कविता का भावपूर्ण वाचन कर सकेंगे।
3. विद्यार्थी पेड़ों के महत्व को समझ सकेंगे।
4. विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी नीम के प्रमुख उपयोग बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी कविता का लयबद्ध वाचन कर सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी पेड़-पौधों की रक्षा करने के लिए प्रेरित होंगे।
शिक्षण सामग्री: नीम के पत्ते/चित्र, पाठ्यपुस्तक, श्यामपट्ट।
विधियाँ: प्रश्नोत्तर, वाचन, चर्चा, निरीक्षण।
विद्यार्थी पेड़ों और उनके सामान्य उपयोगों से परिचित हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| पेड़ हमें क्या देते हैं? | ऑक्सीजन। |
| नीम के पत्तों का रंग कैसा होता है? | हरा। |
| नीम का स्वाद कैसा होता है? | कड़वा। |
| नीम किस प्रकार का पेड़ है? | उपयोगी। |
| आज हम किस पेड़ के बारे में पढ़ेंगे? | नीम। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘नीम’ कविता के माध्यम से नीम और पेड़ों के महत्व को समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
नीम की पत्ती दिखाकर उसके रंग, स्वाद और उपयोगों पर बातचीत। | पत्ती देखते हैं और अनुभव बताते हैं। | नीम – उपयोगी वृक्ष |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
कविता का आदर्श वाचन और पंक्ति-दर-पंक्ति वाचन। | सस्वर वाचन करते हैं। | नीम हरियाली उपयोग |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
कविता में नीम की उपयोगिता और प्रकृति से उसके संबंध को समझाता है। 1. कविता में किस पेड़ का वर्णन है? – नीम 2. नीम की पत्तियाँ कैसी हैं? – हरी 3. नीम का स्वाद कैसा है? – कड़वा बोध प्रश्न: 1. नीम हमारे लिए क्यों उपयोगी है? 2. हमें पेड़ों की रक्षा क्यों करनी चाहिए? |
उत्तर देते हैं और पेड़ बचाने के उपाय बताते हैं। | पेड़ बचाओ पर्यावरण बचाओ |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
विद्यार्थियों से नीम का चित्र बनवाकर उसके तीन उपयोग लिखवाता है। | चित्र बनाते हैं और उपयोग लिखते हैं। | नीम के 3 उपयोग |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
मौखिक प्रश्नों द्वारा समझ जाँचता है। | उत्तर देते हैं। | मूल्यांकन |
| 6. समापन 2 मिनट |
पेड़ों की रक्षा का संदेश देता है। | वृक्ष संरक्षण का संकल्प लेते हैं। | वृक्ष संरक्षण |
2. नीम की पत्तियों का रंग क्या है?
3. नीम का स्वाद कैसा होता है?
4. पेड़ हमारे लिए क्यों आवश्यक हैं?
5. पर्यावरण बचाने के दो उपाय लिखिए।
पाठ 4 – हमारा आहार class 4 hindi lesson plan
स्वास्थ्य एवं भोजन आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी संतुलित आहार का अर्थ समझेंगे।
2. विद्यार्थी विभिन्न खाद्य पदार्थों की उपयोगिता बता सकेंगे।
3. विद्यार्थी स्वस्थ भोजन की आदतों को पहचान सकेंगे।
4. विद्यार्थी स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक होंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी पौष्टिक खाद्य पदार्थों के नाम बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी स्वस्थ और अस्वस्थ भोजन को अलग कर सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी स्वस्थ भोजन ग्रहण करने की आदत विकसित करेंगे।
सामग्री: खाद्य पदार्थों के चित्र, चार्ट, पाठ्यपुस्तक, श्यामपट्ट।
विधियाँ: चर्चा, प्रश्नोत्तर, वर्गीकरण एवं गतिविधि।
विद्यार्थी प्रतिदिन खाए जाने वाले भोजन जैसे रोटी, दाल, फल और सब्जियों से परिचित हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| हम भोजन क्यों करते हैं? | ऊर्जा के लिए। |
| फल खाना स्वास्थ्य के लिए कैसा है? | लाभदायक। |
| सब्जियाँ क्यों खानी चाहिए? | स्वास्थ्य के लिए। |
| क्या केवल मिठाई खाना अच्छा है? | नहीं। |
| आज हम किस विषय पर पढ़ेंगे? | आहार। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘हमारा आहार’ पाठ के माध्यम से पौष्टिक एवं संतुलित भोजन के महत्व को समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
भोजन के चित्र दिखाकर बच्चों से पसंदीदा भोजन पूछता है। | अपने पसंदीदा भोजन बताते हैं। | आहार = भोजन |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
पाठ का वाचन करते हुए स्वस्थ आहार की जानकारी देता है। | पाठ पढ़ते और मुख्य शब्द रेखांकित करते हैं। | पौष्टिक आहार |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
संतुलित भोजन, फल, सब्जी, अनाज, दाल और पानी के महत्व को समझाता है। 1. भोजन किसके लिए आवश्यक है? – शरीर 2. फल किसका स्रोत हैं? – विटामिन 3. पानी क्यों आवश्यक है? – स्वास्थ्य बोध प्रश्न: 1. संतुलित आहार क्या है? 2. हमें जंक फूड कम क्यों खाना चाहिए? |
प्रश्नों के उत्तर देते हैं। | संतुलित आहार स्वास्थ्य |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
स्वस्थ/अस्वस्थ भोजन के चित्रों को दो समूहों में बाँटने की गतिविधि। | चित्रों का वर्गीकरण करते हैं। | स्वस्थ / अस्वस्थ |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
आहार से जुड़े प्रश्न पूछता है। | उत्तर देते हैं। | मौखिक जाँच |
| 6. समापन 2 मिनट |
स्वच्छ, संतुलित और पौष्टिक भोजन का संदेश देता है। | स्वस्थ भोजन की आदत अपनाने का संकल्प लेते हैं। | स्वस्थ भोजन |
2. हमें फल क्यों खाने चाहिए?
3. संतुलित आहार क्या है?
4. पानी हमारे लिए क्यों आवश्यक है?
5. स्वस्थ भोजन की दो विशेषताएँ लिखिए।
पाठ 5 – आसमान गिरा class 4 hindi lesson plan
कहानी आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी कहानी को समझकर उसके घटनाक्रम को बता सकेंगे।
2. विद्यार्थी सुनी-सुनाई बात पर तुरंत विश्वास न करने का महत्व समझेंगे।
3. विद्यार्थी कारण और परिणाम के संबंध को पहचान सकेंगे।
4. विद्यार्थी कहानी से प्राप्त संदेश को अपने जीवन से जोड़ सकेंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी कहानी की प्रमुख घटनाएँ बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी घटना-क्रम को व्यवस्थित कर सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी अफवाहों पर बिना जाँच विश्वास न करने के लिए प्रेरित होंगे।
सामग्री: कहानी के चित्र, पाठ्यपुस्तक, श्यामपट्ट।
विधियाँ: कहानी-कथन, प्रश्नोत्तर, चर्चा, भूमिका-अभिनय।
विद्यार्थी आकाश, बादल, पेड़-पौधों तथा जानवरों से परिचित हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| हम ऊपर क्या देखते हैं? | आकाश। |
| आकाश का रंग सामान्यतः कैसा दिखाई देता है? | नीला। |
| क्या आसमान वास्तव में गिर सकता है? | नहीं। |
| सुनी बात पर तुरंत विश्वास करना चाहिए? | नहीं। |
| आज हम क्या पढ़ेंगे? | आसमान गिरा। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘आसमान गिरा’ कहानी पढ़कर समझेंगे कि किसी बात पर विश्वास करने से पहले उसकी सच्चाई जानना क्यों आवश्यक है।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
आकाश का चित्र दिखाकर बच्चों से प्रश्न करता है। | चित्र देखकर उत्तर देते हैं। | आकाश – नीला |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
कहानी का रोचक वाचन एवं पात्रों के अनुसार आवाज में परिवर्तन। | ध्यानपूर्वक सुनते हैं और अनुच्छेद पढ़ते हैं। | कहानी अफवाह सत्य |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
कहानी में फैली गलत धारणा और उसके कारण को समझाता है। 1. कहानी में किस बात का डर था? – आसमान गिरने का 2. क्या यह बात सही थी? – नहीं 3. हमें बात की क्या करनी चाहिए? – जाँच बोध प्रश्न: 1. कहानी का मुख्य संदेश क्या है? 2. अफवाह से क्या नुकसान हो सकता है? |
उत्तर देते हैं और उदाहरण बताते हैं। | सत्य की जाँच अफवाह से बचें |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
विद्यार्थियों को कहानी के पात्रों का छोटा भूमिका-अभिनय करवाता है। | भूमिका-अभिनय करते हैं। | भूमिका-अभिनय |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
कहानी पर मौखिक प्रश्न। | उत्तर देते हैं। | जाँच |
| 6. समापन 2 मिनट |
किसी भी सूचना को सत्य मानने से पहले जाँच करने का संदेश। | मुख्य संदेश दोहराते हैं। | “पहले जाँच, फिर विश्वास” |
2. आसमान के बारे में क्या बात फैली?
3. क्या वह बात सही थी?
4. अफवाह किसे कहते हैं?
5. किसी सूचना को मानने से पहले हमें क्या करना चाहिए?
पाठ 6 – जयपुर से पत्र class 4 hindi lesson plan
पत्र लेखन एवं यात्रा अनुभव आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी पत्र के उद्देश्य एवं स्वरूप को समझेंगे।
2. विद्यार्थी पत्र के प्रमुख अंग पहचान सकेंगे।
3. विद्यार्थी अपने अनुभव को लिखित रूप में व्यक्त कर सकेंगे।
4. विद्यार्थी राजस्थान की सांस्कृतिक विशेषताओं के प्रति रुचि विकसित करेंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी पत्र के प्रमुख भाग बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी सरल अनौपचारिक पत्र लिख सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी अपने अनुभव परिवार एवं मित्रों से साझा करने के लिए प्रेरित होंगे।
सामग्री: पत्र का नमूना, जयपुर के चित्र, पाठ्यपुस्तक, श्यामपट्ट।
विधियाँ: वाचन, प्रश्नोत्तर, प्रदर्शन, लेखन-अभ्यास।
विद्यार्थी पत्र, पता, नाम और अभिवादन जैसे सामान्य शब्दों से परिचित हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| क्या आपने कभी पत्र लिखा है? | हाँ/नहीं। |
| पत्र किसे लिखा जा सकता है? | मित्र/परिवार। |
| जयपुर किस राज्य में है? | राजस्थान। |
| पत्र में पता कहाँ लिखा जाता है? | आरंभ में। |
| आज हम किस पाठ को पढ़ेंगे? | जयपुर से पत्र। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘जयपुर से पत्र’ पाठ पढ़कर पत्र की भाषा एवं संरचना को समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
जयपुर के प्रमुख स्थलों के चित्र दिखाकर यात्रा अनुभव पर चर्चा। | अपने यात्रा अनुभव बताते हैं। | जयपुर – राजस्थान |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
पत्र का आदर्श वाचन करके उसके भागों को समझाता है। | पत्र पढ़ते हैं और भाग पहचानते हैं। | पता अभिवादन मुख्य भाग समापन |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
पत्र की भाषा और क्रम समझाता है। 1. पत्र किसे लिखा जा सकता है? – मित्र 2. पत्र में किसका वर्णन है? – जयपुर 3. पत्र का मुख्य भाग क्या बताता है? – संदेश बोध प्रश्न: 1. पत्र लिखने का उद्देश्य क्या था? 2. पत्र के प्रमुख अंग कौन-कौन से हैं? |
उत्तर देते हैं और पत्र के भाग बताते हैं। | पत्र लेखन |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
‘मेरी यात्रा’ विषय पर छोटा पत्र लिखने का अभ्यास। | सरल पत्र लिखते हैं। | प्रिय मित्र… |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
पत्र के भागों पर प्रश्न। | उत्तर देते हैं। | मूल्यांकन |
| 6. समापन 2 मिनट |
पत्र लेखन को भावनाओं एवं अनुभवों को व्यक्त करने का माध्यम बताता है। | पत्र के मुख्य भाग दोहराते हैं। | पत्र = संवाद |
2. पत्र किसे लिखा जा सकता है?
3. पत्र के दो प्रमुख अंग लिखिए।
4. पत्र का मुख्य भाग क्या कहलाता है?
5. मित्र को पत्र लिखने का एक कारण लिखिए।
पाठ 7 – नकली हीरे class 4 hindi lesson plan
चित्रकथा आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी चित्रों के आधार पर घटना का अनुमान लगा सकेंगे।
2. विद्यार्थी कहानी के पात्रों एवं घटनाओं को पहचान सकेंगे।
3. विद्यार्थी वास्तविक और नकली वस्तुओं में अंतर समझने का प्रयास करेंगे।
4. विद्यार्थी ईमानदारी और सावधानी के महत्व को समझेंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी कहानी का मुख्य संदेश बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी चित्र देखकर क्रमबद्ध कहानी कह सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी लालच से बचने और सत्य का साथ देने के लिए प्रेरित होंगे।
सामग्री: चित्र, कहानी के पात्रों के कार्ड, पाठ्यपुस्तक, श्यामपट्ट।
विधियाँ: चित्र-अवलोकन, कहानी-कथन, प्रश्नोत्तर, भूमिका-अभिनय।
विद्यार्थी वास्तविक एवं नकली वस्तुओं के सामान्य अंतर से परिचित हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| हीरा क्या है? | बहुमूल्य रत्न। |
| क्या हर चमकने वाली वस्तु हीरा होती है? | नहीं। |
| नकली वस्तु का क्या अर्थ है? | असली जैसी। |
| वस्तु खरीदते समय क्या करना चाहिए? | जाँच। |
| आज हम किस पाठ को पढ़ेंगे? | नकली हीरे। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘नकली हीरे’ चित्रकथा के माध्यम से सावधानी और विवेक का महत्व समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
हीरे और काँच के चित्र दिखाकर तुलना करवाता है। | अंतर बताते हैं। | असली – नकली |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
चित्रों के क्रम से कहानी प्रस्तुत करता है। | चित्रों का क्रम देखते हैं और कहानी सुनते हैं। | नकली हीरे |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
कहानी के घटनाक्रम को समझाता है। 1. कहानी में क्या था? – हीरे 2. वे कैसे थे? – नकली 3. हमें किससे बचना चाहिए? – लालच बोध प्रश्न: 1. वस्तु की जाँच क्यों आवश्यक है? 2. कहानी से क्या सीख मिलती है? |
उत्तर देते हैं। | सावधानी ईमानदारी |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
चित्र देखकर कहानी का क्रम लिखवाता है। | घटनाएँ क्रम से लिखते हैं। | घटना क्रम |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
चित्र एवं कहानी पर प्रश्न। | उत्तर देते हैं। | जाँच |
| 6. समापन 2 मिनट |
वस्तु की जाँच और सत्यता पर जोर देता है। | संदेश बताते हैं। | सावधान रहें |
2. हीरे कैसे थे?
3. हमें लालच से क्यों बचना चाहिए?
4. किसी वस्तु को खरीदते समय क्या देखना चाहिए?
5. पाठ की मुख्य सीख लिखिए।
पाठ 8 – ओणम के रंग class 4 hindi lesson plan
त्योहार एवं भारतीय संस्कृति आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी ओणम पर्व के बारे में सामान्य जानकारी प्राप्त करेंगे।
2. विद्यार्थी भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को समझेंगे।
3. विद्यार्थी त्योहारों के सामाजिक महत्व को समझ सकेंगे।
4. विद्यार्थियों में विभिन्न संस्कृतियों के प्रति सम्मान विकसित होगा।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी ओणम से संबंधित प्रमुख बातों को बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी त्योहार की गतिविधियों का वर्णन कर सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करेंगे।
सामग्री: ओणम के चित्र, फूलों की रंगोली/पुक्कलम का चित्र, पाठ्यपुस्तक।
विधियाँ: चर्चा, चित्र-अवलोकन, प्रश्नोत्तर, गतिविधि।
विद्यार्थी अपने क्षेत्र में मनाए जाने वाले त्योहारों के बारे में जानते हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| भारत में कितने प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं? | अनेक। |
| क्या सभी राज्यों में एक जैसे त्योहार होते हैं? | नहीं। |
| ओणम किस प्रकार का अवसर है? | त्योहार। |
| त्योहार हमें क्या सिखाते हैं? | मिल-जुलकर रहना। |
| आज हम किस त्योहार के बारे में पढ़ेंगे? | ओणम। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘ओणम के रंग’ पाठ के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता को समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
विभिन्न त्योहारों के चित्र दिखाकर चर्चा। | त्योहारों के नाम बताते हैं। | त्योहार – संस्कृति |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
पाठ का वाचन और ओणम से संबंधित चित्रों की सहायता से जानकारी। | पाठ पढ़ते और चित्र देखते हैं। | ओणम |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
ओणम की परंपराओं और सामूहिक उत्सव की भावना समझाता है। 1. ओणम क्या है? – त्योहार 2. त्योहारों में लोग क्या करते हैं? – उत्सव 3. विविधता किसकी विशेषता है? – भारत बोध प्रश्न: 1. त्योहार हमें कैसे जोड़ते हैं? 2. हमें दूसरी संस्कृतियों का सम्मान क्यों करना चाहिए? |
उत्तर देते हैं और अपने त्योहार बताते हैं। | विविधता एकता |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
फूलों से रंगोली/त्योहार पोस्टर बनाने की गतिविधि। | पोस्टर बनाते हैं। | एकता में विविधता |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
ओणम और त्योहारों पर प्रश्न। | उत्तर देते हैं। | मूल्यांकन |
| 6. समापन 2 मिनट |
भारत की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने का संदेश। | मुख्य बात दोहराते हैं। | विविधता का सम्मान |
2. त्योहारों का सामाजिक महत्व क्या है?
3. भारत की सांस्कृतिक विशेषता क्या है?
4. हमें दूसरे त्योहारों का सम्मान क्यों करना चाहिए?
5. अपने किसी पसंदीदा त्योहार का नाम लिखिए।
पाठ 9 – मिठाइयों का सम्मेलन class 4 hindi lesson plan
रोचक कहानी एवं संवाद आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी कहानी के पात्रों एवं संवादों को समझेंगे।
2. विद्यार्थी विभिन्न मिठाइयों के नाम एवं विशेषताओं से परिचित होंगे।
3. विद्यार्थी संवाद को उचित भाव से बोल सकेंगे।
4. विद्यार्थी विविधता में समानता का भाव समझेंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी कहानी की मुख्य घटनाएँ बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी संवाद का अभिनय कर सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी दूसरों की विशेषताओं का सम्मान करेंगे।
सामग्री: मिठाइयों के चित्र, नाम-पर्चियाँ, पाठ्यपुस्तक।
विधियाँ: कहानी-कथन, संवाद, भूमिका-अभिनय, चर्चा।
विद्यार्थी विभिन्न भारतीय मिठाइयों के नाम जानते हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| आपकी पसंदीदा मिठाई कौन-सी है? | विभिन्न उत्तर। |
| मिठाई कब खाई जाती है? | त्योहार/अवसर पर। |
| क्या सभी मिठाइयों का स्वाद एक जैसा होता है? | नहीं। |
| सम्मेलन का अर्थ क्या है? | सभा। |
| आज हम किसका सम्मेलन पढ़ेंगे? | मिठाइयों का। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘मिठाइयों का सम्मेलन’ पाठ के माध्यम से संवाद, हास्य और विविधता को समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
मिठाइयों के चित्र दिखाकर नाम पूछता है। | नाम बताते हैं। | मिठाई – स्वाद |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
कहानी का संवादात्मक वाचन। | संवाद सुनते और पढ़ते हैं। | संवाद |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
पात्रों के संवाद और कहानी के हास्य पक्ष को समझाता है। 1. सम्मेलन किसका था? – मिठाइयों का 2. मिठाइयाँ किस प्रकार प्रस्तुत होती हैं? – संवाद 3. सभी मिठाइयाँ कैसी हैं? – अलग-अलग बोध प्रश्न: 1. कहानी रोचक क्यों है? 2. विविधता का क्या महत्व है? |
उत्तर देते हैं। | विविधता संवाद |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
विद्यार्थियों को मिठाइयों के पात्र बनाकर छोटा संवाद करवाता है। | भूमिका-अभिनय करते हैं। | अभिनय |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
कहानी पर प्रश्न। | उत्तर देते हैं। | जाँच |
| 6. समापन 2 मिनट |
विभिन्नता को स्वीकार करने का संदेश देता है। | मुख्य संदेश बताते हैं। | विविधता सुंदर है |
2. आपकी पसंदीदा मिठाई कौन-सी है?
3. संवाद किसे कहते हैं?
4. कहानी में विविधता कैसे दिखाई देती है?
5. पाठ से क्या सीख मिलती है?
पाठ 10 – कैमरा class 4 hindi lesson plan
कविता आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी कविता का भावपूर्ण वाचन कर सकेंगे।
2. विद्यार्थी कैमरे के सामान्य उपयोग को समझेंगे।
3. विद्यार्थी कविता में कल्पना एवं हास्य को पहचानेंगे।
4. विद्यार्थी तकनीक के रचनात्मक उपयोग के प्रति जागरूक होंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी कैमरे के उपयोग बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी कविता को उचित भाव से पढ़ सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करने की भावना विकसित करेंगे।
सामग्री: कैमरा/मोबाइल का चित्र, पाठ्यपुस्तक, श्यामपट्ट।
विधियाँ: प्रदर्शन, वाचन, प्रश्नोत्तर, चर्चा।
विद्यार्थी मोबाइल फोन या कैमरे से परिचित हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| क्या आपने कैमरा देखा है? | हाँ। |
| कैमरे से क्या किया जाता है? | फोटो। |
| फोटो किसे कहते हैं? | चित्र। |
| क्या कैमरा एक तकनीकी उपकरण है? | हाँ। |
| आज हम किस विषय की कविता पढ़ेंगे? | कैमरा। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘कैमरा’ कविता के माध्यम से कैमरे और उसके उपयोग से जुड़े भावों को समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
कैमरे का चित्र दिखाकर उपयोग पूछता है। | उत्तर देते हैं। | कैमरा – चित्र |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
कविता का लयबद्ध वाचन करवाता है। | सस्वर वाचन करते हैं। | कैमरा |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
कविता के भाव एवं कल्पना को सरल भाषा में समझाता है। 1. कैमरे से क्या लिया जाता है? – चित्र 2. कैमरा किस प्रकार का उपकरण है? – तकनीकी 3. फोटो किसे कहते हैं? – चित्र बोध प्रश्न: 1. कविता में कैमरे को किस रूप में देखा गया है? 2. तकनीक का उपयोग किस प्रकार करना चाहिए? |
उत्तर देते हैं। | तकनीक रचनात्मकता |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
विद्यार्थियों से ‘मेरा कैमरा’ विषय पर पाँच वाक्य लिखवाता है। | वाक्य लिखते हैं। | मेरा कैमरा |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
मौखिक प्रश्न। | उत्तर देते हैं। | मूल्यांकन |
| 6. समापन 2 मिनट |
तकनीक के सही एवं जिम्मेदार उपयोग का संदेश। | मुख्य संदेश दोहराते हैं। | तकनीक का सदुपयोग |
2. कैमरा किस प्रकार का उपकरण है?
3. फोटो किसे कहते हैं?
4. तकनीक का सदुपयोग कैसे किया जा सकता है?
5. कैमरे के दो उपयोग लिखिए।
पाठ 11 – कविता का कमाल class 4 hindi lesson plan
लोककथा एवं रचनात्मक भाषा आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी कहानी का भाव एवं मुख्य विचार समझेंगे।
2. विद्यार्थी कविता की शक्ति एवं प्रभाव को समझ सकेंगे।
3. विद्यार्थी कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करेंगे।
4. विद्यार्थी भाषा के रचनात्मक उपयोग के प्रति रुचि विकसित करेंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी कहानी के मुख्य पात्र और घटनाएँ बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी अपनी कल्पना से छोटे पद/पंक्तियाँ बना सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी कविता एवं भाषा के प्रति रुचि विकसित करेंगे।
सामग्री: कहानी-पात्र चित्र, शब्द-पर्चियाँ, पाठ्यपुस्तक।
विधियाँ: कहानी-कथन, प्रश्नोत्तर, रचनात्मक लेखन, अभिनय।
विद्यार्थी छोटी कविताएँ एवं तुकांत पंक्तियाँ पढ़ चुके हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| कविता किसे कहते हैं? | पद्य रचना। |
| क्या कविता मन को प्रभावित करती है? | हाँ। |
| कविता में तुक कैसी होती है? | मधुर। |
| क्या कविता से संदेश दिया जा सकता है? | हाँ। |
| आज हम क्या पढ़ेंगे? | कविता का कमाल। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘कविता का कमाल’ पाठ पढ़कर कविता की रचनात्मक शक्ति को समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
सरल तुकांत पंक्तियाँ सुनाकर बच्चों से अगली पंक्ति बनाने को कहता है। | तुकांत शब्द बताते हैं। | कविता – कल्पना |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
पाठ का भावपूर्ण वाचन करता है। | पाठ सुनते और पढ़ते हैं। | रचनात्मकता |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
कहानी के माध्यम से कविता की प्रभावशीलता समझाता है। 1. पाठ में किसकी शक्ति दिखाई गई है? – कविता 2. कविता किसे प्रभावित कर सकती है? – मन 3. कविता के लिए क्या आवश्यक है? – कल्पना बोध प्रश्न: 1. कविता का कमाल क्या है? 2. कविता हमारी भावनाओं को कैसे व्यक्त करती है? |
उत्तर देते हैं। | कल्पना अभिव्यक्ति |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
दो-तीन तुकांत शब्द देकर छोटी कविता बनवाता है। | छोटी कविता बनाते हैं। | रचनात्मक लेखन |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
कविता एवं कहानी से प्रश्न। | उत्तर देते हैं। | मूल्यांकन |
| 6. समापन 2 मिनट |
भाषा और कविता को रचनात्मक अभिव्यक्ति का साधन बताता है। | अपनी बनाई पंक्तियाँ सुनाते हैं। | भाषा की शक्ति |
2. कविता में किसकी शक्ति होती है?
3. कविता के लिए कल्पना क्यों आवश्यक है?
4. कविता भावों को कैसे व्यक्त करती है?
5. चार तुकांत शब्द लिखिए।
पाठ 12 – शतरंज में मात class 4 hindi lesson plan
नाटक एवं रणनीति आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी नाटक की संवाद शैली को समझेंगे।
2. विद्यार्थी शतरंज के सामान्य नियमों से परिचित होंगे।
3. विद्यार्थी रणनीति, धैर्य और सोच-विचार के महत्व को समझेंगे।
4. विद्यार्थी संवाद एवं अभिनय कौशल विकसित करेंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी नाटक के पात्र एवं घटनाओं को पहचान सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी संवाद को उचित भाव से प्रस्तुत कर सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थी धैर्य एवं सोच-विचार से निर्णय लेना सीखेंगे।
सामग्री: शतरंज बोर्ड/चित्र, पात्र कार्ड, पाठ्यपुस्तक।
विधियाँ: नाटक-वाचन, भूमिका-अभिनय, प्रश्नोत्तर, प्रदर्शन।
विद्यार्थियों ने शतरंज का नाम सुना है तथा कुछ विद्यार्थी इसके मोहरों से परिचित हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| शतरंज क्या है? | खेल। |
| शतरंज किससे खेला जाता है? | मोहरों से। |
| क्या शतरंज में सोच-विचार आवश्यक है? | हाँ। |
| ‘मात’ शब्द किस खेल से जुड़ा है? | शतरंज। |
| आज हम किस पाठ को पढ़ेंगे? | शतरंज में मात। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘शतरंज में मात’ नाटक पढ़ेंगे और रणनीति तथा धैर्य का महत्व समझेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
शतरंज बोर्ड दिखाकर मोहरों की जानकारी पूछता है। | मोहरों के नाम बताते हैं। | शतरंज – खेल |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
नाटक के संवादों को अलग-अलग पात्रों के रूप में पढ़ता है। | संवाद सुनते और पढ़ते हैं। | राजा मात |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
रणनीति और निर्णय की भूमिका समझाता है। 1. शतरंज किस प्रकार का खेल है? – बौद्धिक 2. खेल में क्या आवश्यक है? – रणनीति 3. मात किस खेल में होती है? – शतरंज बोध प्रश्न: 1. शतरंज हमें क्या सिखाता है? 2. निर्णय लेते समय जल्दबाजी क्यों नहीं करनी चाहिए? |
उत्तर देते हैं। | रणनीति धैर्य निर्णय |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
छोटे समूहों में नाटक के पात्र बाँटकर संवाद करवाता है। | भूमिका-अभिनय करते हैं। | नाटक |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
नाटक एवं शतरंज पर प्रश्न। | उत्तर देते हैं। | जाँच |
| 6. समापन 2 मिनट |
सोच-विचार, धैर्य और सही रणनीति से निर्णय लेने का संदेश। | मुख्य संदेश बताते हैं। | धैर्य + रणनीति |
2. ‘मात’ शब्द किस खेल से संबंधित है?
3. शतरंज में रणनीति क्यों आवश्यक है?
4. नाटक में संवाद का क्या महत्व है?
5. पाठ से आपको क्या सीख मिलती है?
पाठ 13 – हमारा आदित्य class 4 hindi lesson plan
विज्ञान एवं अंतरिक्ष आधारित पाठ योजना
1. विद्यार्थी आदित्य और सूर्य से संबंधित सामान्य जानकारी समझेंगे।
2. विद्यार्थी अंतरिक्ष एवं वैज्ञानिक अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करेंगे।
3. विद्यार्थी पाठ के वैज्ञानिक शब्दों का अर्थ समझ सकेंगे।
4. विद्यार्थी विज्ञान एवं तकनीक के महत्व को पहचानेंगे।
ज्ञानात्मक: विद्यार्थी सूर्य और अंतरिक्ष से संबंधित मुख्य बातें बता सकेंगे।
कौशलात्मक: विद्यार्थी वैज्ञानिक जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कर सकेंगे।
भावात्मक: विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं खोज की भावना विकसित होगी।
सामग्री: सूर्य एवं अंतरिक्ष के चित्र, चार्ट, पाठ्यपुस्तक, श्यामपट्ट।
विधियाँ: प्रश्नोत्तर, चित्र-अवलोकन, चर्चा, प्रदर्शन।
विद्यार्थी सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी और आकाश के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| हमें प्रकाश कहाँ से मिलता है? | सूर्य से। |
| सूर्य क्या है? | तारा। |
| सूर्य किस दिशा से दिखाई देता है? | पूर्व। |
| अंतरिक्ष का अध्ययन कौन करता है? | वैज्ञानिक। |
| आज हम किसके बारे में पढ़ेंगे? | आदित्य। |
उद्देश्य कथन: आज हम ‘हमारा आदित्य’ पाठ के माध्यम से सूर्य और वैज्ञानिक अध्ययन से संबंधित जानकारी प्राप्त करेंगे।
| चरण | शिक्षक-अध्यापक क्रियाएँ | विद्यार्थी क्रियाएँ | श्यामपट्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| 1. शुरुआती गतिविधि 5 मिनट |
सूर्य का चित्र दिखाकर बच्चों से सूर्य के बारे में जानकारी पूछता है। | अपने विचार बताते हैं। | सूर्य – तारा |
| 2. पाठ प्रस्तुतीकरण 10 मिनट |
पाठ का आदर्श वाचन करके वैज्ञानिक शब्दों को समझाता है। | पाठ पढ़ते हैं और कठिन शब्द रेखांकित करते हैं। | अंतरिक्ष सूर्य विज्ञान |
| 3. व्याख्या एवं चर्चा 10 मिनट |
पाठ में दिए वैज्ञानिक तथ्यों को सरल भाषा में समझाता है। 1. आदित्य किससे संबंधित है? – सूर्य 2. सूर्य क्या है? – तारा 3. सूर्य से हमें क्या मिलता है? – प्रकाश बोध प्रश्न: 1. अंतरिक्ष का अध्ययन क्यों किया जाता है? 2. वैज्ञानिक खोजों से हमें क्या लाभ होता है? |
उत्तर देते हैं और अपनी जिज्ञासाएँ बताते हैं। | सूर्य विज्ञान अंतरिक्ष |
| 4. अभ्यास कार्य 10 मिनट |
सूर्य का चित्र बनाकर उससे संबंधित पाँच शब्द लिखवाता है। | चित्र बनाकर शब्द लिखते हैं। | वैज्ञानिक जिज्ञासा |
| 5. मूल्यांकन 3 मिनट |
वैज्ञानिक तथ्यों पर प्रश्न। | उत्तर देते हैं। | मूल्यांकन |
| 6. समापन 2 मिनट |
वैज्ञानिक सोच, प्रश्न पूछने और नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करता है। | अपनी जिज्ञासाएँ साझा करते हैं। | “जिज्ञासा से ज्ञान” |
2. सूर्य से हमें क्या मिलता है?
3. अंतरिक्ष का अध्ययन कौन करता है?
4. विज्ञान हमारे जीवन में क्यों महत्वपूर्ण है?
5. वैज्ञानिक जिज्ञासा से क्या लाभ होता है?
📚 कक्षा 4 हिंदी – वीणा class 4 hindi lesson plan
Lesson Plan Collection Complete
✓ 13 पाठों की पाठ योजना
✓ प्रत्येक Lesson में 6 शिक्षण चरण
✓ उद्देश्य एवं व्यवहारगत परिवर्तन
✓ पूर्व ज्ञान एवं प्रस्तावना
✓ विस्तृत प्रस्तुतीकरण
✓ गृहकार्य एवं मूल्यांकन
✓ Mobile Friendly Design
✓ Kalam Font
✓ RLK CLASSES Diagonal Watermark
शिक्षक के लिए सुझाव (Teaching Tips)
✔ कहानी को रोचक तरीके से सुनाएँ
✔ बच्चों को बोलने का मौका दें
✔ उदाहरणों का उपयोग करें
✔ नैतिक शिक्षा पर जोर दें
विस्तार गतिविधियाँ (Extension Activities)
- रोल प्ले (Role Play) करवाएँ
- समूह चर्चा कराएँ
- पोस्टर बनवाएँ – “ईमानदारी सबसे बड़ी नीति है”
FAQ– class 4 hindi lesson plan
1. Class 4 के लिए Hindi lesson plan कैसे बनाएं?
Class 4 के लिए lesson plan बनाते समय कहानी, गतिविधि और चर्चा को शामिल करना जरूरी है।
2. क्या moral stories जरूरी हैं?
हाँ, moral stories से बच्चों में अच्छे संस्कार और सोच विकसित होती है।
3. Lesson plan में activity क्यों जरूरी है?
Activity से बच्चे active रहते हैं और जल्दी सीखते हैं।
4. Class 4 के बच्चों को कैसे engage करें?
- सवाल पूछें
- कहानी सुनाएँ
- group activity करवाएँ
5. क्या lesson plan SEO में मदद करता है?
हाँ, अगर आप इसे ब्लॉग पर डालते हैं तो सही keywords के साथ यह Google में rank कर सकता है।
निष्कर्ष-
class 4 hindi lesson plan बनाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों को केवल पढ़ाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने और अच्छे मूल्य सिखाने का भी प्रयास करना चाहिए।
यह class 4 hindi lesson plan न केवल पढ़ाई को आसान बनाता है बल्कि बच्चों को एक बेहतर इंसान बनने की दिशा में भी प्रेरित करता है।
Read More-







![LESSON PLAN IN HINDI PDF Hindi Lesson Plan - हिंदी पाठ योजना - हिंदी लेसन प्लान B.ed lesson plan in hindi pdf 2024 [Free] Hindi Lesson Plan For B.Ed And DELED](https://rlkclasses.in/wp-content/uploads/2025/01/1000000718.webp)










