भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सम्बन्ध
Correlation of Geography with other subjects of Social Sciences
हेल्लो दोस्तों आज हम भूगोल शिक्षण के टॉपिक भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सम्बन्ध पर बात करने वाले है
सह सम्बन्ध वह पारस्परिक सम्पर्क है जिसके फलस्वरूप किसी एक क्षेत्र के ज्ञान या कौशल का उपयोग दूसरे क्षेत्र से सम्बन्धित ज्ञान या कौशल को सीखने के लिए सकारात्मक ढंग से किया जा सकता है।
पीटर हैलेन ने आज से लगभग 300 वर्ष पूर्व यह स्पष्ट रूप से कहा था कि “भूगोल बिना इतिहास के बड़ा ही अस्त-व्यस्त और अस्थिर होगा जिसमें केवल जीवन और गति का वर्णन मात्र होगा और इतिहास बिना भूगोल के बेसिर-पैर की बात होगी।”
पीटर का यह कथन भूगोल और इतिहास जैसे विषयों के मध्य विद्यमान सह-सम्बन्ध को सूचित करता है।
भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सह-सम्बन्ध निम्न प्रकार समझा जा सकता है-
भूगोल तथा गणित भूगोल अध्यापन के समय विविध लेखाचित्र, पैमाना, ढलान, समोच्च एवं आक्षांश रेखाएँ, देशान्तर रेखाएँ, सर्वेक्षण एवं मानचित्रांकन आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ गणित के नियम, सिद्धान्त आदि का व्यापक उपयोग किया जाता है। भूगोल और गणित दोनों की विषय परस्पर अन्योन्याश्रित ढंग से सम्बन्धित हैं।
भूगोल तथा प्रकृति अध्ययन प्रकृति अध्ययन में जहां बादल, पानी, हवा, पर्वत, झरना, नदियां आदि का अध्ययन किया जाता है, वहीं भूगोल में उनका महत्त्व, प्रभाव, उपादेयता तथा प्राकृतिक सन्तुलन स्थापना में योगदान को स्पष्ट करने के लिए प्रयास किया जाता है
कलकल करते हुए झरने नदियाँ, निकटवर्ती हरियाली, पक्षियों के गायन-कूजन, फूल तथा उनके विविध रंगों से प्राप्त आनन्द की अनुभूति का वर्णन, सभी प्रकृतिगत अध्ययन है भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सम्बन्ध
जिसे सौन्दर्यानुभूति के विकास हेतु भूगोल में महत्त्व दिया जाता है। इसके साथ ही नदी घाटी की उर्वर भूमि, सिंचाई हेतु पानी की निरन्तरता, यातायात, परिवहन की सुविधा, मानवीय तृष्णा-शांति के लिए एवं अन्य उपयोग के लिए पानी की आवश्यकता, कल-कारखानों के माध्यम से जल-विद्युत उत्पादन की संभावना की दृष्टि से उपादेयता को भूगोल स्पष्ट करता हुआ नदी घाटी क्षेत्रों में ही प्राचीन तथा अर्वाचीन सभ्यताओं के उदय के कारण को स्पष्ट
करने के लिए प्रयास करता हुआ पारस्परिक सम्बन्ध को प्रतिपादित करता है।
प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के बारे में भूगोल ही ज्ञान कराता है इस प्रकार दोनों विषय परस्पर सम्बन्धित हैं।
भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सम्बन्ध
भूगोल का अन्य विषयों से क्या संबंध है?
भूगोल तथा भू-गर्भ विज्ञान-
- भूगोल विषय के अन्तर्गत, भूसंरचना, संगठन, खनिजों की प्राप्ति, जीवाश्म आदि
- पृथ्वी की आयु से भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सम्बन्ध
भूगोल और अर्थशास्त्र-
भूगोल का वह भाग जिसके अन्तर्गत हम मानवीय आर्थिक क्रियाकलापों का वर्णन करते हैं आर्थिक भूगोल कहते हैं, आर्थिक भूगोल में कृषि, उद्योग,पशुपालन, म स्यपालन, आखेट तथा वन्य पदार्थ संग्रह आदि का अध्ययन किया जाता है।
तथा अर्थशास्त्र में मानव के आर्थिक विकास के नियमों का अध्ययन कराता है। किसी राष्ट्र के भूगोल का अध्ययन उसके आर्थिक चरित्र के स्पष्टीकरण के बिना सम्पूर्ण नहीं माना जा सकता है। अतः इन दोनों विषयों के मध्य सकारात्मक सह सम्बन्ध का होना स्वाभाविक है। भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सम्बन्ध
भूगोल और इतिहास-
भूगोल का सम्बन्ध मानव और उसके निवास स्थान के रूप में पृथ्वी से है तो इतिहास का मानव की सफलताओं एवं असफलताओं की कहानी से है।
फेयरग्रीव के अनुसार इतिहास तो नाटक से सम्बन्धित है जबकि भूगोल उस रंगमंच से सम्बन्धित है जिस पर नाटक खेला जा रहा है। रंगमंच से तात्पर्य मानव के जीवन रूपी कार्यकलाप से है। भूगोल क्षेत्रीय अध्ययन कराता है, इसका महत्त्व इतिहास के युद्ध, लम्बी यात्राओं आदि के लिए अधिक है। इतिहास पढ़ाते समय अध्यापक को भूगोल के मानचित्रों का सहारा लेना पड़ता है । इस प्रकार इतिहास तथा भूगोल एक दूसरे से सम्बन्धित हैं।
भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सम्बन्ध
भूगोल और नागरिक शास्त्र-
भूगोल और नागरिक शास्त्र का गहरा सम्बन्ध है।
नागरिक शास्त्र मानवीय नागरिक जीवन के तत्त्वों को स्पष्ट करने के लिए प्रयास करता है।
भूगोल नागरिक जीवन पर भौगोलिक कारकों एवं परिस्थितियों के प्रभाव के बारे में जानकारी प्रदान करता है। भूगोल नागरिक शास्त्र जैसे विषय के नियम, सिद्धान्त तथा मान्यताओं का व्यापक उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है। भूगोल न केवल राष्ट्रीय नागरिकता का पाठ पढ़ाता है बल्कि विश्व नागरिकता की अवधारणा को विकसित करने के लिए प्रयास करता है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि भूगोल तथा नागरिक शास्त्र का सह-सम्बन्ध है।
भूगोल व पर्यावरण विज्ञान-
जब मानव और पर्यावरण की बात सामने आती है तो हमें लगता है कि भूगोल हमारे सामने खड़ा हुआ है। पृथ्वी और पृथ्वी के रहस्यों की एक लम्बी यात्रा भूगोल ने की है, वनों के लाभ, वन विनाश के दुष्परिणाम, नये वन कैसे व कहाँ
लगाये जाये, वन्य जीव-संरक्षण, बाँध निर्माण व वन विनाश की परिणति आदि अनेक बातें भूगोल के दायरे में आती हैं तथा वायुमण्डल और जल स्त्रोत भी इसी क्षेत्र के महत्वपूर्ण तथ्य हैं। इनके साथ आत्मीयता जोड़कर ही यह पृथ्वी, वायुमण्डल, जल-राशियाँ आकाश की नीलिमा, सूर्य की धूप, रात की चाँदनी, सब हमारे और हमारे लिए उपयोगी हो सकते हैं।
भूगोल का यह पक्ष उसे पर्यावरण शिक्षा के समीप ले जाता है। दूसरे शब्दों में भूगोल व पर्यावरण विज्ञान का बहुत गहरा सम्बन्ध है।
इस प्रकार भूगोल विषय का अन्य महत्त्वपूर्ण विषयों के साथ सम्बन्ध स्थापित किया जा सकता है।
भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सम्बन्ध इस प्रकार से होता है
भूगोल विषय का अन्य विषयों के साथ सम्बन्ध
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