
NCERT Solutions for Class 6 Social Science (Exploring Society India and Beyond) Chapter wise lesson – Download PDF Sample
Class 6 Social Science Lesson Plan for B.Ed 1
पाठ योजना क्रमांक – 1 | Locating Places on the Earth- Social Science Lesson Plan for B.Ed
📚 पाठ योजना की सामान्य जानकारी
| दिनांक | ……………….. |
| कक्षा | 6 |
| कालांश | ……………….. |
| योजना प्रकार | Class 6 Social Science Lesson Plan |
| विषय | सामाजिक विज्ञान |
| उपविषय | भूगोल |
| प्रकरण | Locating Places on the Earth (पृथ्वी पर स्थानों का निर्धारण) |
| समय | 35–40 मिनट |
1. सामान्य उद्देश्य
| 1. | छात्रों में सामाजिक विज्ञान एवं भूगोल विषय के प्रति रुचि तथा जिज्ञासा उत्पन्न करना। |
| 2. | छात्रों में पृथ्वी, मानचित्र तथा विभिन्न स्थानों को समझने की क्षमता विकसित करना। |
| 3. | छात्रों में दिशा, स्थान, दूरी तथा स्थिति को समझने की तार्किक क्षमता विकसित करना। |
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
| ज्ञानात्मक |
छात्र अक्षांश एवं देशांतर की संकल्पना बता सकेंगे तथा भूमध्य रेखा और प्रधान मध्याह्न रेखा की पहचान कर सकेंगे।
छात्र ग्लोब पर प्रमुख अक्षांश एवं देशांतर रेखाओं को पहचान सकेंगे। |
| अवबोध |
छात्र समझ सकेंगे कि पृथ्वी पर किसी स्थान की स्थिति निर्धारित करने में अक्षांश एवं देशांतर का उपयोग कैसे किया जाता है।
छात्र उत्तरी-दक्षिणी तथा पूर्वी-पश्चिमी स्थिति में अंतर स्पष्ट कर सकेंगे। |
| अनुप्रयोग |
छात्र दिए गए अक्षांश एवं देशांतर के आधार पर किसी स्थान की स्थिति निर्धारित कर सकेंगे।
छात्र ग्लोब या मानचित्र पर किसी स्थान को खोजने में निर्देशांकों का प्रयोग कर सकेंगे। |
| कौशल |
छात्र ग्लोब एवं मानचित्र का निरीक्षण करके अक्षांश और देशांतर रेखाओं की पहचान कर सकेंगे।
छात्र दिशाओं तथा स्थान-निर्धारण से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री
| सामग्री | ग्लोब, विश्व मानचित्र, भारत का मानचित्र, श्यामपट्ट, चॉक, डस्टर, सूचक तथा अक्षांश-देशांतर का चार्ट। |
4. शिक्षण विधि / प्रविधि
| विधि | व्याख्या विधि, प्रदर्शन विधि, अवलोकन विधि एवं प्रश्नोत्तर प्रविधि। |
5. पूर्व ज्ञान
| पूर्व ज्ञान | छात्र पृथ्वी, ग्लोब, मानचित्र, चार मुख्य दिशाओं तथा अपने आसपास के स्थानों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं। |
6. प्रस्तावना प्रश्न
| 1. | हम पृथ्वी पर किसी स्थान को कैसे पहचान सकते हैं? | उसकी स्थिति और दिशा से। |
| 2. | पृथ्वी का छोटा प्रतिरूप किसे कहते हैं? | ग्लोब। |
| 3. | पृथ्वी को दो बराबर भागों में बाँटने वाली काल्पनिक रेखा कौन-सी है? | भूमध्य रेखा। |
| 4. | क्या केवल उत्तर-दक्षिण दिशा बताने से पृथ्वी पर किसी स्थान की सही स्थिति ज्ञात हो सकती है? | नहीं। |
| 5. | पृथ्वी पर किसी स्थान की निश्चित स्थिति बताने के लिए किन रेखाओं की आवश्यकता होती है? | अक्षांश एवं देशांतर। |
7. उद्देश्य कथन
| उद्देश्य | बच्चों, आज हम सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत ‘Locating Places on the Earth’ अर्थात् ‘पृथ्वी पर स्थानों का निर्धारण’ का अध्ययन करेंगे। हम ग्लोब एवं मानचित्र की सहायता से अक्षांश, देशांतर, भूमध्य रेखा तथा प्रधान मध्याह्न रेखा को समझेंगे और जानेंगे कि पृथ्वी पर किसी स्थान की सही स्थिति कैसे निर्धारित की जाती है। |
8. प्रस्तुतीकरण
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| 1. ग्लोब एवं पृथ्वी पर स्थान |
विकासात्मक प्रश्न: 1. पृथ्वी का मॉडल किसे कहते हैं? 2. ग्लोब पर हम क्या देख सकते हैं? 3. क्या ग्लोब की सहायता से पृथ्वी के स्थानों को समझा जा सकता है? शिक्षक ग्लोब दिखाते हुए बताते हैं कि ग्लोब पृथ्वी का एक छोटा प्रतिरूप है। ग्लोब पर महाद्वीप, महासागर तथा पृथ्वी की स्थिति को समझने में सहायता मिलती है। पृथ्वी बहुत बड़ी होने के कारण किसी स्थान की सही स्थिति बताने के लिए कुछ काल्पनिक रेखाओं का उपयोग किया जाता है। |
छात्र ग्लोब का निरीक्षण करते हैं। छात्र बताते हैं कि ग्लोब पृथ्वी का मॉडल है तथा इससे पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों की स्थिति को समझने में सहायता मिलती है। |
ग्लोब → पृथ्वी का छोटा प्रतिरूप पृथ्वी → बहुत विशाल स्थान निर्धारण → काल्पनिक रेखाओं की सहायता |
| 2. अक्षांश एवं भूमध्य रेखा |
विकासात्मक प्रश्न: 1. भूमध्य रेखा पृथ्वी को कितने भागों में बाँटती है? 2. भूमध्य रेखा के उत्तर में स्थित भाग को क्या कहते हैं? 3. भूमध्य रेखा के दक्षिण में स्थित भाग को क्या कहते हैं? शिक्षक ग्लोब पर भूमध्य रेखा दिखाते हैं। बताते हैं कि भूमध्य रेखा पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध में बाँटती है। भूमध्य रेखा के समानांतर खींची गई काल्पनिक रेखाओं को अक्षांश रेखाएँ कहा जाता है। इनकी सहायता से किसी स्थान की उत्तर-दक्षिण स्थिति ज्ञात की जाती है। |
छात्र ग्लोब पर भूमध्य रेखा देखते हैं। छात्र उत्तरी गोलार्द्ध तथा दक्षिणी गोलार्द्ध की पहचान करते हैं। छात्र अक्षांश रेखाओं को समझते हैं। |
भूमध्य रेखा → 0° अक्षांश उत्तरी गोलार्द्ध → भूमध्य रेखा के उत्तर दक्षिणी गोलार्द्ध → भूमध्य रेखा के दक्षिण अक्षांश → उत्तर-दक्षिण स्थिति |
| 3. देशांतर एवं प्रधान मध्याह्न रेखा |
विकासात्मक प्रश्न: 1. देशांतर रेखाएँ किस दिशा में खींची जाती हैं? 2. प्रधान मध्याह्न रेखा कितने डिग्री देशांतर पर होती है? 3. प्रधान मध्याह्न रेखा पृथ्वी को किन दो गोलार्द्धों में बाँटती है? शिक्षक ग्लोब पर देशांतर रेखाएँ दिखाते हैं। बताते हैं कि ध्रुव से ध्रुव तक खींची गई काल्पनिक रेखाओं को देशांतर रेखाएँ कहते हैं। 0° देशांतर की रेखा को प्रधान मध्याह्न रेखा कहा जाता है। यह पृथ्वी को पूर्वी और पश्चिमी गोलार्द्ध में बाँटती है। |
छात्र ग्लोब पर देशांतर रेखाओं का निरीक्षण करते हैं। छात्र प्रधान मध्याह्न रेखा की पहचान करते हैं तथा पूर्वी और पश्चिमी गोलार्द्ध को समझते हैं। |
प्रधान मध्याह्न रेखा → 0° देशांतर देशांतर → पूर्व-पश्चिम स्थिति पूर्वी गोलार्द्ध → 0° के पूर्व पश्चिमी गोलार्द्ध → 0° के पश्चिम |
| 4. अक्षांश-देशांतर द्वारा स्थान निर्धारण |
विकासात्मक प्रश्न: 1. किसी स्थान की उत्तर-दक्षिण स्थिति किससे ज्ञात होती है? 2. किसी स्थान की पूर्व-पश्चिम स्थिति किससे ज्ञात होती है? 3. अक्षांश और देशांतर दोनों की सहायता से क्या किसी स्थान की स्थिति निर्धारित की जा सकती है? शिक्षक बताते हैं कि अक्षांश किसी स्थान की भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की स्थिति बताता है। देशांतर किसी स्थान की प्रधान मध्याह्न रेखा से पूर्व या पश्चिम की स्थिति बताता है। दोनों को साथ लेकर पृथ्वी पर किसी स्थान की स्थिति अधिक निश्चित रूप से बताई जा सकती है। |
छात्र प्रश्नों के उत्तर देते हैं। छात्र बताते हैं कि अक्षांश से उत्तर-दक्षिण तथा देशांतर से पूर्व-पश्चिम स्थिति ज्ञात होती है। छात्र ग्लोब पर स्थान निर्धारण का अभ्यास करते हैं। |
स्थान निर्धारण अक्षांश → उत्तर / दक्षिण देशांतर → पूर्व / पश्चिम अक्षांश + देशांतर → स्थान की स्थिति |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न
| 1. | पृथ्वी के छोटे प्रतिरूप को क्या कहते हैं? |
| 2. | भूमध्य रेखा कितने डिग्री अक्षांश पर स्थित है? |
| 3. | 0° देशांतर रेखा को क्या कहा जाता है? |
| 4. | किसी स्थान की उत्तर-दक्षिण स्थिति किससे ज्ञात होती है? |
| 5. | रिक्त स्थान भरिए – किसी स्थान की पूर्व-पश्चिम स्थिति ज्ञात करने के लिए ________ का प्रयोग किया जाता है। |
10. गृहकार्य (Homework)
| गृहकार्य | अपने पाठ्यपुस्तक या मानचित्र की सहायता से भूमध्य रेखा, प्रधान मध्याह्न रेखा, उत्तरी गोलार्द्ध, दक्षिणी गोलार्द्ध, पूर्वी गोलार्द्ध तथा पश्चिमी गोलार्द्ध की पहचान कीजिए। साथ ही अक्षांश और देशांतर का अर्थ लिखिए। |
📥 Class 6 Social Science Lesson Plan for B.Ed PDF
Download PDF
















