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मनोविज्ञान क्या है? What is Psychology in Hindi free pdf

मनोविज्ञान क्या है What is Psychology
मनोविज्ञान की अवधरणा Concept of psychology

दोस्तों आज हम बात करने वाले है की मनोविज्ञान क्या है

मनोविज्ञान (Psychology) मानव व्यवहार, भावनाओं, विचारों और व्यक्तित्व के वैज्ञानिक अध्ययन को कहा जाता है। Psychology यह समझने की कोशिश करती है कि व्यक्ति कैसे सोचता है, कैसे महसूस करता है और विभिन्न परिस्थितियों में कैसे व्यवहार करता है। मनोविज्ञान सिर्फ सिद्धांतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज, व्यवसाय, काउंसलिंग, और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाला एक व्यावहारिक विज्ञान है। इस लेख में हम मनोविज्ञान क्या है, इसका अर्थ, परिभाषा, और अवधारणा (Concept of Psychology) को बहुत सरल भाषा में समझेंगे।

मनोविज्ञान अभी कुछ ही वर्षो में स्वतंत्र विषय के रूप में सामने आया है।
पहले यह दर्शनशास्त्र की ही एक शाखा माना जाता था।
कुछ शताब्दी पूर्व “मनोविज्ञान दर्शनशास्त्र की वह शाखा थी
जिसमे मन और मानसिक क्रियाओं का अध्ययन किया जाता था”।
कालान्तर में यह धारणा भृमात्मक सिद्ध हुई और
आज मनोविज्ञान एक शुद्ध विज्ञान माना जाता है।आज विद्यालयों में इसका अध्ययन एक स्वतंत्र विषय के रूप में किया जाता है।

16वीं शताब्दी तक मनोविज्ञान ‘आत्मा का विज्ञान’माना जाता था।आत्मा की खोज और उसके विषय में विचार करना ही
मनोविज्ञान का मुख्य उद्देश्य था।

परन्तु आत्मा का कोई स्थिर स्वरूप नही होने के कारण इस परिभाषा पर विद्वानों में मतभेद था।
अतः विद्वानों ने मनोविज्ञान को आत्मा का विज्ञान न मानकरमष्तिस्क का विज्ञानमाना। परन्तु इस मान्यता में कठनाई उतपन्न हुई।

मनोवैज्ञानिक मानसिक शक्तियों ,मस्तिष्क के स्वरूप और उसकी प्रकृति का निर्धारण उचित रूप में न कर सकें।
मस्तिष्क का सम्बन्ध विवेक व्यक्तितत्व और विचारणा शक्ति से है।जिसका अभाव पागलो तथा सुषुप्त मनुष्यों में पाया जाता है।
इस योग्यता का अभाव पशु जगत में भी मिलता है।
अध्ययन के द्वारा विद्वानों को जब मालूम हुआ की मानसिक शक्तियॉ अलग-अलग कार्य नही करती वरन सम्पूर्ण मस्तिष्क एक साथ कार्य करता है
तो विद्वानों ने मनोविज्ञान को “चेतना का विज्ञान” माना। इस परिभाषा पर भी विद्वानों का मतभेद रहा।

वर्तमान शताब्दी में मनोविज्ञान एक “व्यवहार का शुद्ध विज्ञान है।

छोटे रूप में हम कह सकते है कि मनोविज्ञान सब जैविक प्राणियों का अध्ययन उनके विकास के प्रत्येक स्तर पर करता है।

मनोविज्ञान के संप्रत्यय में आये इस परिवर्तन को निम्न प्रकार कहा जा सकता है-

1.आत्मा का विज्ञान-आरम्भ से 15वीं शताब्दी तक।
(महान यूनानी दार्शनिको प्लेटो और अरस्तु)

2.मष्तिस्क का विज्ञान-16वीं व 17 वीं शताब्दी।
(थॉमस रीड़) मनोविज्ञान क्या है

3.चेतना का विज्ञान-18वीं व 19वी शताब्दी।
(अमरीकी विद्वान टिचनर और विलियम जेम्स

4.व्यवहार का विज्ञान –20 वीं शताब्दी से ।
(अमरीकी विद्वान वाटसन)

मनोविज्ञान का अध्ययन हमें अपने आप को और दूसरों को बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है। Psychology के सिद्धांत शिक्षा, काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य, प्रबंधन, समाजशास्त्र और दैनिक जीवन में उपयोगी होते हैं। उम्मीद है इस लेख में दिए गए मनोविज्ञान की अवधारणा और अर्थ ने आपको इस विषय को समझने में स्पष्टता प्रदान की होगी। यदि आपको Psychology के प्रकार, महत्व, या Educational Psychology पर विस्तृत नोट्स चाहिए, तो आप कमेंट में बता सकते हैं—मैं आपके लिए वह भी तैयार कर दूँगा।

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