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science lesson plan pdf in hindi class 6 7 8 9 10 | बीएड लेसन प्लान विज्ञान

दोस्तों स्वागत है हमारे इस लेसन प्लान वाले ब्लॉग में जिस पर आपको सभी प्रकार के science lesson plan pdf in hindi class 6 7 8 9 10 के लिए  फ्री और पैड मिल जायेंगे …

यहाँ पर हम रोजाना लेसन प्लान लेकर आते है जो सभी कक्ष्याओ के लिए उपयोगी होते है

आज हम यहाँ क्लास 6,7,8,9,10 के लिए science lesson plan class 6 7 8 लेकर आये है जो प्रकरण गौण लैंगिक लक्षण पर है आशा करते है की यह लेसन प्लान आपकी आवश्यकता को पूर्ण करेगा…….

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science lesson plan in hindi class 8

बीएड बायोलॉजी लेसन प्लान  

Biology lesson plan in hindi class 6 7 8 9 10

पाठ योजना (जीव विज्ञान पाठ योजना)

पाठ्य योजना क्रमांक–                            दिनांक

कक्षा– 6 7 8 9  10                                 वर्ग

प्रकरण गौण लैंगिक लक्षण                    कालखण्ड– प्रथम

विषय– जीव विज्ञान                                औसत आयु

विद्यालय

1.सामान्य उद्देश्य-

  1. छात्रों में जीव विज्ञान के प्रति रूचि एवं जिज्ञासा जाग्रत करना
  2. छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना
  3. छात्रों में अपेक्षित व्यवहार परिवर्तित करना
  4. छात्रों में जीव विज्ञान के विभिन्न शब्दों का ज्ञान होना

2.विशिष्ट उद्देश्य        छात्रों को गौण लैंगिक लक्षण के बारें में विस्तृत जानकारी देना

3.शिक्षण सहायक सामग्री –    लपेट फलक श्यामपट्ट, गौण लैंगिक लक्षण का चार्ट

4.पूर्व ज्ञान-          छात्र गौण लैंगिक लक्षण के बारें में आंशिक ज्ञान रखते है

 

5.प्रस्तावना –

प्रश्न सम्भावित उत्तर
1. बाल्यावस्था के पश्चात् कौनसी अवस्था आती है?   किशोरावस्था
2. किशोरावस्था में बालक-बालिकाओं के शरीर में क्या हो जाते हैं?   परिवर्तन लक्षण
3.  इन लक्षणों के द्वारा लड़कियों को लड़के से क्या करने में सहायता मिलती है?   पहचानने में
4.  लड़कों को लड़कियों से पहचानने वाले लक्षण को क्या कहा जाता है?   गौण लैंगिक लक्षण
5.   गौण लैंगिक लक्षण क्या है?  समस्यात्मक प्रश्न

 

6.उद्देश्य कथन-

अच्छा तो बच्चों, आज हम गौण लैंगिक लक्षणों का विस्तारपूर्वक अध्ययन करेंगे।

प्रस्तुतीकरण

शिक्षण विधियाँ –   1.व्याख्यात्मक विधि   2.प्रश्नोतर विधि

विषय वस्तु का क्रमिक विकास –

1. प्रथम अन्विति:  किशोरावस्था एवं गोंण लैंगिक लक्षण

2.द्वितीय अन्विति: मानव में जनन काल की अवधि व किशोरों के पोषण की आवश्यकताये

 

प्रथम अन्विति:

विषय वस्तु शिक्षक क्रिया छात्र क्रिया श्यामपट्ट कार्य

किशोरावस्था

शिक्षक कथन-  वृद्धि एक प्राकृतिक प्रक्रम है। जीवन काल की वह अवधि जब शरीर में ऐसे परिवर्तन होते हैं जिसके परिणामस्वरूप जनन परिपक्वता आती है, किशोरावस्था कहलाती है।यौवनारंभ (Puberty) : किशोरावस्था की वह अवधि जिसमें लैंगिक विकास सर्वप्रथम दृष्टिगोचर होती है उसे यौवनारंभ कहते हैं | यौवनारंभ का सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन लड़के एवं लड़कियों की जनन क्षमता का विकास होता है छात्र-छात्राओं किशोरावस्था के बारें में समझा व ध्यानपूर्वक सुना

किशोरावस्था की वह अवधि जिसमें लैंगिक विकास सर्वप्रथम दृष्टिगोचर होती है उसे यौवनारंभ कहते हैं

विकासात्मक प्रश्न प्रश्न-1. . लड़कियों की तरह लड़कों के चेहरे पर क्या आने लगती है  दाढ़ी,मुछे
प्रश्न-2. इन लक्षणों को क्या जाता है? गौण लैंगिक लक्षण
प्रश्न-3. गौण लैंगिक लक्षण क्या है? निरुतर

गौण लैंगिक लक्षण –

शिक्षक कथन- किशोरावस्था में होने वाला परिवर्तन हार्मोन द्वारा नियंत्रित होते हैं। हार्मोन रासायनिक पदार्थ है। यह अन्त: स्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित किए जाते

हैं। यौवनारम्भ के साथ ही वृषण  पौरुष हार्मोन अथवा टेस्टोस्टेरॉन का प्रारम्भ कर देता है। यह

लड़कों में परिवर्तन का कारक है।

छात्र-छात्राओं ने गौण लैंगिक लक्षण को समझा व नोट किया

 हार्मोन रासायनिक पदार्थ है।

 

  सामान्यीकरण प्रश्न उत्तर  
  प्रश्न 1. किशोरावस्था में होने वाला परिवृतन किसके द्वारा नियंत्रित होता है? हार्मोन द्वारा
  प्रश्न 2. यह हार्मोन किस प्रकार की ग्रंथि है? अन्त:स्त्रावी ग्रंथि

science lesson plan

द्वितीय अन्विति
विषय वस्तु शिक्षक क्रिया छात्र क्रिया श्यामपट्ट कार्य

मानव में जनन काल की अवधि-

शिक्षक कथन-स्त्रियों में जननावस्था का प्रारम्भ यौवनारम्भ (10-12 वर्ष की आयु) से हो जाता है। तथा

सामान्यत:45-50 वर्ष की आयु तक चलता रहता है। यौवनारम्भ पर अंडाणु परिपक्व होन लगते है तथा लगभग 28 से 30 दिनों के अन्तराल पर किसी एक अंडाशय द्वारा निर्मोचित होता है।

छात्र-छात्राओं मानव में जनन काल की अवधि के बारें में समझा व नोट किया
विकासात्मक प्रश्न प्रश्न-1. तीव्र वृद्धि किस प्रकार की अवस्था में होती है? किशोरावस्था
प्रश्न-2. किशारोवस्था में किशोर को किसकी आवश्यकता होती है? पोषण की
प्रश्न-3. 3. किशोरों को पोषण की आवश्यकता क्यों होती है? निरुतर

किशोरों के पोषण की आवश्यकताये –

शिक्षक कथन-किशोरावस्था तीव्र वृद्धि एवं विकास की अवस्था है। अतः किसी भी किशोर को आहार का

नियोजन अत्यन्त सावधानी पूर्वक करना चाहिए। संतुलित आहार का अर्थ है भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेटस, वसा, विटामिन एवं खनिज का पर्याप्त समावेश होना चाहिए। दूध अपने आप में संतुलित भोजन है।

छात्र-छात्राओं ने किशोरों के पोषण की आवश्यकता के बारें में समझा व नोट किया संतुलित आहार का अर्थ है भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेटस, वसा, विटामिन एवं खनिज का पर्याप्त समावेश होना चाहिए

science lesson plan in hindi

  सामान्यीकरण प्रश्न उत्तर  
प्रश्न 1. दूध किस प्रकार का भोजन है ? संतुलित भोजन
प्रश्न 2. किसका नियोजन विशेष सावधानी के साथ करना चाहिए – आहार

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पुनरावृति-

प्रश्न-1  लिंग हार्मोन क्या है?
प्रश्न-2 अंडशय कब उत्पादित करने लगते हैं?
प्रश्न-3 यौवनारम्भ पर क्या परिपक्व होने लगते हैं?

 

अभ्यास कार्य-
प्रश्न रिक्त स्थानो की पूर्ति कीजिये
प्रश्न-1  दूध अपने आप में …….. भोजन है।
प्रश्न-2  स्त्रियों में जननावस्था का प्रारम्भ ……… से हो जाता है।
प्रश्न-3  वृद्धि एक………. प्रक्रम है।

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गृहकार्य-

प्रश्न-1 गोंण लैंगिक लक्षणों का विस्तृत वर्णन कीजिये ?

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science lesson plan in hindi download – गोंण लैंगिक लक्षणों पर पाठ योजना 

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