Civics Lesson Plan for B.ed in Hindi for class 6,7,8,9,10 pdf
परिचय (Introduction)
बी.एड. (B.Ed) के विद्यार्थियों और प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए नागरिक शास्त्र (Civics) पाठ योजना बनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह विषय छात्रों को संविधान, लोकतंत्र, अधिकार एवं कर्तव्य, नागरिकता और शासन व्यवस्था जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करता है। यदि पढ़ाई बिना योजना के कराई जाए तो कक्षा उबाऊ और अव्यवस्थित हो सकती है, लेकिन एक सही और सुव्यवस्थित Lesson Plan से शिक्षण सरल, रोचक और प्रभावी बन जाता है। Civics Lesson Plan for B.ed in Hindi
सरल शब्दों में,
पाठ योजना एक शिक्षक की पहले से तैयार की गई शिक्षण रूपरेखा (Teaching Plan) होती है, जिसमें यह तय किया जाता है कि क्या पढ़ाना है, कैसे पढ़ाना है और किस विधि से छात्रों को समझाना है।
Civics Lesson Plan for B.ed in Hindi विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षण अभ्यास (Teaching Practice), इंटर्नशिप और प्रायोगिक परीक्षा में विद्यार्थियों से व्यवस्थित पाठ योजना प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जाती है। इससे शिक्षक का समय प्रबंधन बेहतर होता है, कक्षा नियंत्रण मजबूत होता है और छात्र विषय को आसानी से समझ पाते हैं।
इस लेख में आप जानेंगे कि नागरिक शास्त्र की पाठ योजना का सही प्रारूप क्या है, उद्देश्य कैसे लिखें, कौन-कौन सी शिक्षण विधियाँ अपनाएँ और गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास कैसे करें। Civics Lesson Plan for B.ed in Hindi
भारतीय संविधान का लेसन प्लान
बीएड सामाजिक विज्ञान का लेसन प्लान कक्षा 8

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विद्यालय का नाम- अपनी स्कूल का नाम व स्थान लिखें
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कक्षा–8
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कालांश– 4
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विषय- सामाजिक अध्ययन
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वर्ग– A
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दिनांक-
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अवधि– 40 मिनट
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प्रकरण-भारतीय संविधान
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➤शिक्षण के उद्देश्य :-
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क्र.स.
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शिक्षण उद्देश्य
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अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
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1.
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ज्ञानात्मक |
1.छात्र संविधान के अर्थ, प्रकार व संविधान दर्शन का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
2.छात्र संविधान के अर्थ, प्रकार एवं दर्शन को ठीक प्रकार से जान सकेंगे।
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2.
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अवबोध |
1.छात्र संविधान के अर्थ प्रकार एवं संविधान दर्शन को गहनता से समझ सकेंगे।
2.छात्र संविधान के अर्थ प्रकार व सविधान दर्शन
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3.
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ज्ञानापयोग
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1.छात्र संविधान के अर्थ प्रकार व संविधान दर्शन के ज्ञान का प्रयोग नवीन परिस्थितियों में कर सकेंगे।
2.छात्र संविधान के बारे में प्राप्त ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन में कर सकेंगे।
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4.
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कोशल |
1.छात्र संविधान के अर्थ प्रकार एवं संविधान को व्यक्त करने में कुशल बन सकेंगे।
2.छात्र संविधान के सामान्य ज्ञान को अन्य लोगों को प्रदान कर सकेंगे।
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5.
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अभिवर्ती
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1. छात्रों में संविधान के अर्थ, प्रकार व दर्शन जानने की सकारात्मक अभिवृत्ति का विकास हो सकेगा।
2.छात्र इस प्रकार की अभिवृत्ति का विकास अन्य लोगों में भी करने का प्रयास कर सकेंगे।
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➤सहायक सामग्री-
सामान्य सामग्री-लपेट फलक,झाड़न, संकेतक, चौक, श्यामपट्ट इत्यादि। विशिष्ट सामग्री- बाबा साहब अंबेडकर एवं संविधान की प्रस्तावना को दर्शाता चार्ट।
Civics Lesson Plan for B.ed in Hindi
➤पूर्वज्ञान- विद्यार्थी संविधान का अर्थ, प्रकार व दर्शन के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
➤प्रस्तावना :- Civics Lesson Plan for B.ed in Hindi
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क्र. स.
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छात्र अध्यापक क्रियाएं
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छात्र क्रियाए
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1.
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देश में जनता अपने जनप्रतिनिधि का चयन किस प्रकार करती है?
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चुनाव के द्वारा
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2.
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चुनाव में बहुमत प्राप्त करने वाला दल देश में क्या घटित करता है?
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सरकार का गठन
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3.
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किसी देश की शासन व्यवस्था चलाने का कार्य कौन करता है?
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सरकार वह कानून व्यवस्था
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4.
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किसी भी देश को चलाने वाले विधान को क्या कहते हैं?
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सविधान
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5.
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संविधान के अर्थ है प्रकार एवं उसमें निहित दर्शन के बारे में आप क्या जानते हैं?
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समस्यात्मक
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➤उद्देश्य कथन :- Civics Lesson Plan for B.ed in Hindi
बनवाने के लिए चैट करें 🙏
विद्यार्थियों आज हम संविधान का अर्थ, प्रकार वह दर्शन के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।
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➤प्रस्तुतीकरण :-
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शिक्षण बिन्दु
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छात्राध्यापक क्रियाएं
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छात्र क्रियाएं
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श्यामपट्ट कार्य
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1. संविधान का अर्थ –
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विकासात्मक प्रश्न-
1.देश की शांति एवं व्यवस्था किस पर आधारित है?
2. देश की कानून व्यवस्था एवं नियमों को किसके आधार पर बनाया जाता है।
3.संविधान के बारे में आप क्या जानते हैं?
छात्राध्यापक कथन-
हमारा दैनिक जीवन कुछ निश्चित नियमों और कार्यों से बंधा होता है इन कार्यों और नियमों को अपनाकर हम व्यवस्थित और अनुशासन से पूर्ण जीवन जीते हैं। यही अनुशासन सरकार के लिए भी आवश्यक है। सरकार नागरिकों के लिए कानून बनाने उन्हें लागू करने और उनकी रक्षा करने जैसा महत्वपूर्ण कार्य करती है।
यही शासन करना है,लेकिन शासन करने के लिए कुछ निश्चित नियमों और कानूनों की जरूरत होती है, यदि सरकार बिना नियमों के शासन चलाने का कार्य करें तो देश में व्यवस्थाएं बिगड़ जाएगी और समाज में अराजकता फैल जाएगी। कानूनों के द्वारा सरकार को उत्तरदाई बनाया जाता है साथ ही सरकार और जनता के बीच संबंध कैसे हो तथा जनता में भी आपसी संबंध कैसे हो इन्हें भी तय करने के लिए कानूनों की आवश्यकता होती है इन सभी नियमों कानूनों के संग्रह को ही संविधान कहते हैं।
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कानून एवं नियमों पर
संविधान के आधार पर
निरुतर
विद्यार्थी ध्यान पूर्वक सुनेगे एवं तथ्य समझेंगे।
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कुछ निश्चित नियम एवं कानून सरकार चलाने के लिए आवश्यक है।
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2. संविधान के प्रकार-
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विकासात्मक प्रश्न-
1. भारतीय संविधान केसा संविधान है?
2. संविधान का निर्माण कौन करता है?
3. संविधान के अन्य प्रकारों के बारे में आप क्या जानते हैं?
छात्राध्यापक कथन-
जिन देशों में संविधान को लिखा जाता है उन्हें लिखित संविधान कहते हैं तथा जिन देशों के संविधान के प्रावधान लिखे नहीं जाते बल्कि परंपराओं के रूप में रहते हैं उन्हें अलिखित संविधान कहते हैं।
इसी तरह से जो संविधान एक समय विशेष पर बनाए जाते हैं उन्हें निर्मित संविधान कहते हैं और जो संविधान समय-समय पर बनी परंपराओं से बनता है उन्हें विकसित संविधान कहते हैं।
जिन संविधान में आसानी से बदलाव कर दिए जाते हैं उन्हें लचीला संविधान कहते हैं।और जिन संविधान में संशोधन करने के लिए कठिन तरीका अपनाया जाता है उन्हें कठोर संविधान कहते हैं।
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लिखित संविधान।
जनप्रतिनिधि और कानून के ज्ञाता।
निरुतर।
विद्यार्थी ध्यान पूर्वक सुने एवं तथ्यों को अपने नोटबुक में उतारे।
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संविधान के प्रकार -लिखित,
अलिखित,
निर्मित,
विकसित, लचीला एवं कठोर संविधान।
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3. संविधान दर्शन-
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विकासात्मक प्रश्न-
1. संविधान क्या है?
2. इससे क्या होता है?
3. संविधान बनाने का आधार क्या होता है?
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कानून की पुस्तक।
सरकार और जनता निर्देशित होती है।
निरुतर
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संविधान नागरिकों का जीवन दर्शन होता है।
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छात्राध्यापक कथन –
आज दुनिया के अधिकांश देशों ने अपने यहां शासन चलाने के लिए संविधान बनाए रखे हैं।
संविधान किसी भी देश के नागरिकों का जीवन दर्शन माना जाता है इसका निर्माण लोगों की उन इच्छाओं और विचारों के आधार पर होता है जिनके माध्यम से वे अपने देश की शासन व्यवस्था चलाना चाहते हैं।
आज दुनिया की हर लोकतांत्रिक देश में संविधान है और वहां जनता अपनी आवश्यकताओं के आधार पर संविधान में बदलाव करती रहती है परंतु इसका मतलब यह नहीं है कि जिन देशों में संविधान होता है वहां आवश्यक रूप से लोकतंत्र हो।
कहीं तानाशाही शासन करने वाले देशों में भी तानाशाही शासन चलाने के लिए संविधान बनाता है। लेकिन ऐसा संविधान लोगों की मान्यताओं,हितो, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप हो यह आवश्यक नहीं है।
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विद्यार्थी तथ्य को ध्यान पूर्वक सुनकर समझेंगे।
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संविधान जनता के विचारों व मान्यताओं के अनुसार बदलता है।
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बोध प्रश्न-
1. नागरिकों का जीवन दर्शन किसे माना जाता है?
2.संविधान के प्रावधान में किसे महत्व दिया जाता है?
3. संविधान में परिवर्तन किस आधार पर होता है?
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संविधान को
समाज की परंपराओं और मान्यताओं को।
जनता की मान्यताओं व विचारों के आधार पर।
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➤ मूल्यांकन प्रश्न :-
1. संविधान किसी देश के नागरिकों का………… ..होता है।
➤ गृहकार्य :-
संविधान के दर्शन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
➤यह भी देखें –


















