Commerce Lesson Plan in Hindi for B.ed (वाणिज्य/अर्थशास्त्र) की पाठ योजना

Commerce Lesson Plan in Hindi for B.Ed प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक दस्तावेज है, जो वाणिज्य विषय के अध्यापन को व्यवस्थित और प्रभावी बनाता है। बीएड पाठ्यक्रम के अंतर्गत वाणिज्य लेसन प्लान का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यापार, लेखांकन, अर्थशास्त्र एवं वाणिज्यिक अवधारणाओं को सरल और व्यावहारिक रूप में समझाना होता है। यह पाठ योजना शिक्षण उद्देश्यों, पूर्व ज्ञान परीक्षण, शिक्षण विधियों, सहायक सामग्री एवं मूल्यांकन को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। इससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक, उद्देश्यपूर्ण और परिणामोन्मुख बनती है।commerce lesson plan in hindi for b.ed,
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Commerce Lesson Plan in Hindi for B.ed पुस्तपालन पर लेसन प्लान

सामाजिक विज्ञान (वाणिज्य/अर्थशास्त्र) की पाठ योजना

विद्यालय का नाम: अपनी स्कूल का नाम व स्थान लिखें
कक्षा- 9/11 कालांश- 4
विषय- वाणिज्य (Book-keeping) वर्ग- A
दिनांक- अवधि- 30 मिनट
प्रकरण- पुस्तपालन एवं बहीखाता

शिक्षण के उद्देश्य :- Commerce Lesson Plan in Hindi for B.ed

क्र.स. शिक्षण उद्देश्य अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
1. ज्ञानात्मक 1. विद्यार्थी पुस्तपालन का प्रत्याभिज्ञान कर सकेंगे।
2. विद्यार्थी बहीखाता के अर्थ का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
2. अवबोध 1. विद्यार्थी पुस्तपालन व लेखांकन के अंतर की व्याख्या कर सकेंगे।
2. विद्यार्थी पुस्तपालन की विधियों का वर्गीकरण कर सकेंगे।
3. अनुप्रयोग 1. विद्यार्थी दैनिक जीवन के लेन-देनों को प्रारंभिक पुस्तकों में दर्ज करने का ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
4. कौशल 1. विद्यार्थी बहीखाते का प्रारूप (Format) तैयार करने में दक्षता प्राप्त कर सकेंगे।

शिक्षण विधियाँ व्याख्यान विधि, उदाहरण विधि

सहायक सामग्री लपेट फलक, चॉक, डस्टर, विभिन्न लेखा पुस्तकों (Cash Book/Journal) को दर्शाता चार्ट।

पूर्वज्ञान विद्यार्थी बाजार में होने वाले लेन-देन के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।

प्रस्तावना :- Commerce Lesson Plan in Hindi for B.ed

क्र. स. छात्राध्यापक क्रियाएं छात्र क्रियाएं
1. एक व्यापारी दुकान पर सामान किसके बदले बेचता है? रुपयों/मुद्रा के बदले
2. दिनभर में होने वाले बहुत सारे लेन-देनों को क्या याद रखा जा सकता है? नहीं
3. याद न रहने पर इन्हें कहाँ लिखा जाता है? कॉपी या डायरी में
4. वाणिज्यिक भाषा में इन लेन-देनों को लिखने की कला को क्या कहते हैं? समस्यात्मक
उद्देश्य कथन :-

विद्यार्थियों आज हम पुस्तपालन (Book-keeping) के अर्थ, इसकी विधियों एवं महत्व के बारे में विस्तार पूर्वक अध्ययन करेंगे।

प्रस्तुतीकरण :- Commerce Lesson Plan in Hindi for B.ed

शिक्षण बिन्दु छात्राध्यापक क्रियाएं छात्र क्रियाएं श्यामपट्ट कार्य
1. पुस्तपालन का अर्थ विकासात्मक प्रश्न-
1. हिसाब-किताब की प्राथमिक पुस्तक कौन सी है?
2. पुस्तपालन से क्या आशय है?

छात्राध्यापक कथन-

पुस्तपालन का अर्थ है पुस्तकों का संग्रह, संरक्षण, वर्गीकरण, अनुक्रमण और पाठकों को उपलब्ध कराना। सरल शब्दों में, पुस्तकालय में पुस्तकों और अन्य सूचना-सामग्री को व्यवस्थित रूप से सँभालने तथा पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाने की प्रक्रिया को पुस्तकपालन कहते हैं।

रोजनामचा (Journal)

निरुत्तर

विद्यार्थी ध्यान पूर्वक सुनेंगे और समझेंगे।

पुस्तपालन = पुस्तकों को रखना + हिसाब लिखना।
जनक: लुकास पैसियोली
2. पुस्तपालन की विधियाँ विकासात्मक प्रश्न-
1. छोटे व्यापारी किस विधि का प्रयोग करते हैं?
2. दोहरा लेखा प्रणाली क्या है?

छात्राध्यापक कथन-
पुस्तपालन की मुख्य विधियाँ: इकरा लेखा प्रणाली, दोहरा लेखा प्रणाली एवं भारतीय बहीखाता प्रणाली।

1️⃣ पुस्तकों का संग्रह

2️⃣ वर्गीकरण विधि

3️⃣ अनुक्रमण विधि

4️⃣ संरक्षण विधि

5️⃣ निर्गमन एवं प्रत्यावर्तन विधि

6️⃣ संदर्भ सेवा विधि

7️⃣ अभिलेख एवं प्रबंधन विधि

इकरा प्रणाली

निरुत्तर

छात्र मुख्य बिंदु नोट करेंगे।

1. इकरा प्रणाली
2. दोहरा लेखा प्रणाली
3. भारतीय प्रणाली
शिक्षण बिन्दु छात्राध्यापक क्रियाएं छात्र क्रियाएं श्यामपट्ट कार्य
3. पुस्तपालन के उद्देश्य विकासात्मक प्रश्न-
1. लेखांकन क्यों जरूरी है?
2. पुस्तपालन के क्या लाभ हैं?

छात्राध्यापक कथन-
इसका मुख्य उद्देश्य वित्तीय स्थिति का ज्ञान होना, लाभ-हानि की जानकारी प्राप्त करना तथा कर (Tax) निर्धारण में सहायता करना है।

  1. ज्ञान का संरक्षण

  2. ज्ञान का प्रसार

  3. शिक्षा एवं अध्ययन में सहायता

  4. पुस्तकों का व्यवस्थित प्रबंधन

  5. पाठकों की सेवा

  6. पठन-पाठन की रुचि विकसित करना

  7. सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास में योगदान

  8. सूचना की त्वरित उपलब्धता

लाभ जानने के लिए
निरुत्तर

विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका में नोट करेंगे।

उद्देश्य:
1. पूर्ण रिकॉर्ड रखना
2. लाभ-हानि ज्ञान
3. कानूनी प्रमाण

मूल्यांकन प्रश्न :- Commerce Lesson Plan in Hindi for B.ed

1. पुस्तपालन के जनक का नाम __________ है।

2. दोहरा लेखा प्रणाली में कितने पक्ष होते हैं?

     (A) 1 (B) 2 (C) 3 (D) 4

3. पुस्तपालन की कोई दो विधियाँ बताइए?

4. क्या पुस्तपालन एक कला है या विज्ञान?

गृहकार्य :- Commerce Lesson Plan in Hindi for B.ed

पुस्तपालन एवं लेखांकन (Accounting) के मध्य अंतर को स्पष्ट कीजिए।


निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि Commerce Lesson Plan in Hindi for B.Ed शिक्षण अभ्यास (Teaching Practice) को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक सुव्यवस्थित वाणिज्य लेसन प्लान के माध्यम से शिक्षक जटिल व्यावसायिक अवधारणाओं को उदाहरणों, चार्ट एवं गतिविधियों द्वारा सरलता से समझा सकते हैं। यह पाठ योजना न केवल विद्यार्थियों की समझ को बढ़ाती है, बल्कि बीएड प्रशिक्षुओं में आत्मविश्वास, शिक्षण कौशल एवं कक्षा प्रबंधन क्षमता का भी विकास करती है। अतः प्रभावी शिक्षण के लिए commerce lesson plan का सही उपयोग अत्यंत आवश्यक है।

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