B Ed Science Lesson Plans शिक्षक-प्रशिक्षुओं के लिए शिक्षण अभ्यास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। विज्ञान विषय को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए सुनियोजित पाठ योजना की आवश्यकता होती है, जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्कशक्ति एवं जिज्ञासा का विकास हो सके। इन lesson plans को B.Ed पाठ्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाता है, जिसमें उद्देश्य, शिक्षण विधि, सहायक सामग्री, शिक्षण चरण और मूल्यांकन शामिल होते हैं। यह b ed science lesson plans न केवल teaching practice को आसान बनाते हैं, बल्कि कक्षा शिक्षण को भी अधिक रोचक, स्पष्ट और परिणामोन्मुख बनाते हैं।
पाठ योजना का प्रारूप
| विद्यालय का नाम | [अपने विद्यालय का नाम भरें] | दिनांक | [दिनांक भरें] |
| कक्षा | 7 | विषय | विज्ञान (जीव विज्ञान) |
| कालांश | [कालांश भरें] | वर्ग | [वर्ग भरें] |
| प्रकरण | पादपों में परिवहन | ||
सामान्य उद्देश्य b ed science lesson plans
- छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करना।
- छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच का विकास करना।
- छात्रों को पादपों की आंतरिक कार्यप्रणाली से अवगत कराना।
- छात्रों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिज्ञासा का विकास करना।
- छात्रों को जैव प्रक्रमों के वैज्ञानिक महत्त्व को समझाना।
विशिष्ट उद्देश्य
- ज्ञानात्मक: छात्र जाइलम और फ्लोएम ऊतकों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
- अवबोधात्मक: छात्र जल और भोजन के परिवहन की प्रक्रिया में अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
- प्रयोगात्मक/कौशलात्मक: छात्र पादपों में वाष्पोत्सर्जन और परिवहन के महत्त्व को चार्ट के माध्यम से प्रदर्शित कर सकेंगे।
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सहायक सामग्री
आवश्यक सामग्री: चॉक, डस्टर, लपेट श्यामपट्, प्वाइन्टर आदि।
शिक्षण सहायक सामग्री: संवहनी ऊतकों (Xylem & Phloem) का चित्र चार्ट, द्विबीजपत्री तने की अनुप्रस्थ काट का स्लाइड/मॉडल, एक मुरझाया हुआ पौधा और एक स्वस्थ पौधा। b ed science lesson plans
🧠 पूर्व ज्ञान
छात्रों को पौधों के विभिन्न भागों (जड़, तना, पत्ती) और प्रकाश संश्लेषण की सामान्य जानकारी है। वे जानते हैं कि पौधों को जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता होती है। b ed science lesson plans
प्रस्तावना प्रश्न-
| क्र. सं. | प्रश्न | संभावित उत्तर |
|---|---|---|
| (1) | सजीवों को जीवित रहने के लिए किसकी आवश्यकता होती है? | भोजन, जल और वायु की। |
| (2) | पौधे अपना भोजन कहाँ बनाते हैं? | पत्तियों में। |
| (3) | जड़ों द्वारा सोखा गया जल पत्तियों तक कैसे पहुँचता है? | परिवहन के माध्यम से। |
| (4) | पादपों में परिवहन की विस्तृत प्रक्रिया क्या है? | (समस्यात्मक उत्तर) |
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उद्देश्य कथन
“बच्चों! आज हम विज्ञान विषय के अंतर्गत ‘पादपों में परिवहन’ नामक प्रकरण का विस्तृत अध्ययन करेंगे और जानेंगे कि पौधे जल और भोजन का संवहन कैसे करते हैं।” b ed science lesson plans
अध्यापन विधि/शिक्षण विधि
| विधि | प्रविधि |
|---|---|
| व्याख्यान-सह-प्रदर्शन विधि | प्रश्नोत्तर एवं तुलनात्मक प्रविधि |
प्रस्तुतिकरण- b ed science lesson plans
(प्रकरण को सरल बनाने के लिए इसे 2 इकाइयों में विभक्त किया गया है।)
| प्रथम इकाई | द्वितीय इकाई |
|---|---|
| जल और खनिजों का परिवहन (जाइलम) | भोजन और अन्य पदार्थों का परिवहन (फ्लोएम) |
| क्र. सं. | शिक्षण बिंदु | व्यवहार परक उद्देश्य | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट् कार्य |
|---|---|---|---|---|---|
| (विकासात्मक प्रश्न / कथन) | (भागीदारी/लेखन) | (मुख्य सारांश) | |||
| 📘 प्रथम इकाई: जल और खनिजों का परिवहन | |||||
| 1. | जाइलम द्वारा जल का संवहन | छात्र जाइलम के कार्य को समझ सकेंगे। | विकासात्मक प्रश्न:
शिक्षक कथन: पादपों में जल और मृदा से प्राप्त खनिजों का परिवहन ‘जाइलम’ नामक जटिल स्थाई ऊतक द्वारा होता है। जाइलम में वाहिनिकाएं (Tracheids) और वाहिकाएं (Vessels) आपस में जुड़कर एक लंबी नलिका जैसी संरचना बनाती हैं। यह जड़ से लेकर पत्तियों तक एक सतत जल स्तंभ (Water Column) का निर्माण करती हैं। जड़ की कोशिकाएं सक्रिय रूप से मिट्टी से आयन प्राप्त करती हैं, जिससे जड़ और मिट्टी के बीच आयन सांद्रता में अंतर आ जाता है। इस अंतर को समाप्त करने के लिए जल स्वतः ही जड़ के जाइलम में प्रवेश कर जाता है, जिसे ‘मूल दाब’ (Root Pressure) कहते हैं। |
छात्र शांत रहकर जटिल प्रक्रिया को समझ रहे हैं और जाइलम के अंगों के नाम लिख रहे हैं।
|
जाइलम: यह जल और खनिज लवणों का ऊर्ध्वगामी (नीचे से ऊपर) परिवहन करता है। |
| 2. | वाष्पोत्सर्जन खिंचाव (Suction Pull) | छात्र जल के ऊपर चढ़ने के सिद्धांत को समझ सकेंगे। | शिक्षक कथन: केवल मूल दाब ऊँचे वृक्षों तक जल पहुँचाने के लिए पर्याप्त नहीं होता। दिन के समय जब पत्तियों के रंध्र (Stomata) खुले होते हैं, तो जल वाष्प बनकर उड़ता रहता है। इस प्रक्रिया को ‘वाष्पोत्सर्जन’ कहते हैं। पत्तियों की कोशिकाओं से जल की हानि होने पर एक ‘चूषण बल’ या ‘खिंचाव’ (Suction Pull) पैदा होता है। यह खिंचाव ठीक उसी तरह काम करता है जैसे हम स्ट्रॉ (Straw) से जूस पीते हैं। यह बल जाइलम में मौजूद जल को जड़ से ऊपर की ओर खींचता है। यह प्रक्रिया रात में मूल दाब और दिन में वाष्पोत्सर्जन खिंचाव द्वारा नियंत्रित होती है। | छात्र मुख्य बिंदुओं को नोट करेंगे। | वाष्पोत्सर्जन: जल के परिवहन में सहायक खिंचाव बल पैदा करता है। |
| 📘 द्वितीय इकाई: भोजन का परिवहन | |||||
| 3. | फ्लोएम और स्थानांतरण (Translocation) | छात्र भोजन के परिवहन को परिभाषित कर सकेंगे। | शिक्षक कथन: प्रकाश संश्लेषण के उत्पादों (भोजन/सुक्रोज) का पादप के एक भाग से दूसरे भाग तक जाना ‘स्थानांतरण’ कहलाता है। यह कार्य ‘फ्लोएम’ ऊतक द्वारा किया जाता है। फ्लोएम में चालनी नलिकाएं (Sieve tubes) और सहचर कोशिकाएं (Companion cells) होती हैं। जाइलम के विपरीत, फ्लोएम में पदार्थों का परिवहन ‘द्विदिशीय’ (Upward and Downward) होता है, क्योंकि भोजन को ऊपर की कलियों और नीचे की जड़ों, दोनों ओर जाना पड़ता है। फ्लोएम केवल भोजन ही नहीं, बल्कि अमीनो अम्ल और अन्य हार्मोन का भी परिवहन करता है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | फ्लोएम: भोजन (सुक्रोज) का परिवहन सभी दिशाओं में करता है। |
| 4. | ऊर्जा आधारित परिवहन (ATP) | छात्र एटीपी की भूमिका को समझ सकेंगे। | विकासात्मक प्रश्न:
शिक्षक कथन: जाइलम में जल का परिवहन भौतिक बलों (खिंचाव) पर निर्भर करता है, लेकिन फ्लोएम में स्थानांतरण एक ‘सक्रिय प्रक्रिया’ है। इसमें एटीपी (ATP) के रूप में ऊर्जा खर्च होती है। जब सुक्रोज को एटीपी की मदद से फ्लोएम ऊतक में लोड किया जाता है, तो वहां का ‘परासरण दाब’ (Osmotic Pressure) बढ़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप जल फ्लोएम के भीतर प्रवेश करता है और यह उच्च दाब भोजन को कम दाब वाले ऊतकों (जहाँ जरूरत हो) की ओर धकेल देता है। यही कारण है कि बसंत ऋतु में जड़ या तने में संचित शर्करा ऊपर की कलियों तक पहुँचती है ताकि वे बढ़ सकें। |
छात्र एटीपी की भूमिका और परासरण दाब के सिद्धांत को अपनी पुस्तिका में रेखांकित कर रहे हैं। b ed science lesson plans | ऊर्जा उपयोग:
1. सुक्रोज स्थानांतरण में ATP की आवश्यकता। 2. परासरण दाब द्वारा गति। |
| क्र. सं. | प्रश्न | उत्तर |
| (1) | जाइलम ऊतक का मुख्य कार्य क्या है? | जल और खनिज लवणों का संवहन करना। |
| (2) | भोजन का परिवहन किसके द्वारा होता है? | फ्लोएम (Phloem) द्वारा। |
| (3) | स्थानांतरण (Translocation) किसे कहते हैं? | भोजन के संवहन की प्रक्रिया को। |
पुनरावृत्ति के प्रश्न-
- वाष्पोत्सर्जन पौधों के लिए क्यों आवश्यक है?
- जाइलम और फ्लोएम में कोई दो अंतर बताइए।
- भोजन का परिवहन किस रूप में होता है?
- पादपों में जल ऊर्ध्वगामी दिशा में ही क्यों बहता है?
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अभ्यास कार्य / कक्षा कार्य-
सही या गलत का चिह्न लगाएं:
- जाइलम भोजन का परिवहन करता है। (____)
- फ्लोएम में स्थानांतरण के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। (___)
- वाष्पोत्सर्जन से पौधों का तापमान भी नियंत्रित रहता है। (____)
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प्रदत्त कार्य / गृह कार्य-
जाइलम और फ्लोएम ऊतकों का एक स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाकर उनके कार्यों की तुलनात्मक तालिका तैयार कीजिए।
हस्ताक्षर
| छात्राध्यापक के हस्ताक्षर | विषय अध्यापक के हस्ताक्षर | पर्यवेक्षक अध्यापक के हस्ताक्षर |
निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि B Ed Science Lesson Plans शिक्षण को व्यवस्थित, प्रभावी और विद्यार्थी-केन्द्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सुव्यवस्थित पाठ योजना के माध्यम से शिक्षक-प्रशिक्षु विज्ञान के जटिल विषयों को भी सरल भाषा एवं गतिविधियों द्वारा आसानी से समझा सकते हैं। ये lesson plans teaching practice, lesson demonstration और परीक्षा की तैयारी—तीनों के लिए उपयोगी सिद्ध होते हैं। यदि आप विज्ञान विषय के लिए syllabus-based, स्पष्ट एवं उद्देश्यपूर्ण lesson plans की तलाश में हैं, तो B Ed Science Lesson Plans आपके शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने में निश्चित रूप से सहायक होंगे।
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