NTT Nursery Teacher Training Course: Eligibility, Duration, Syllabus & Career Opportunities

Nursery Teacher Training Course (NTT) प्रारंभिक बाल शिक्षा (Early Childhood Education) के लिए सबसे लोकप्रिय और जॉब-ओरिएंटेड कोर्स है। इस कोर्स का उद्देश्य युवा शिक्षिका-प्रशिक्षुओं को 3 से 6 वर्ष के बच्चों की सीखने की प्रक्रिया, मनोविज्ञान, कक्षा प्रबंधन और क्रिएटिव टीचिंग टेक्निक्स में कुशल बनाना है। यदि आप Teaching क्षेत्र में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो NTT Course आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है—क्योंकि इसमें Eligibility आसान है, फीस कम है और Career Opportunities बहुत ज्यादा हैं।

NTT (nursery teacher training course) के बारे में पूरा विवरण दिया है — क्या है, योग्यता, पाठ्यक्रम, स्कोप, फायदे, और विशेष रूप से राजस्थान की हाल-स्थिति।


NTT क्या है? (परिचय)

  • पूरा नाम: NTT = Nursery Teacher Training
  • यह एक डिप्लोमा / सर्टिफिकेट कोर्स है, जिसे प्री-स्कूल (नर्सरी) टीचर तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • इस कोर्स का मकसद है छोटे बच्चों (प्री-प्राइमरी बच्चों) की देखभाल, उनकी कक्षा-पाठ व्यवस्था, बाल विकास, और शिक्षण विधियों की ट्रेनिंग देना। nursery teacher training course

राजस्थान में NTT की खास बात

  • राजस्थान में 15 साल के बाद यह कोर्स फिर से शुरू किया जा रहा है।
  • नया नाम होगा Diploma in Pre-School Education
  • राजस्थान के सभी जिला DIET-संस्थानों (District Institute of Education & Training) में यह कोर्स शुरू किया जाएगा।
  • हर DIET में लगभग 50 सीटें होंगी।
  • अभी पूरी योग्यता और प्रवेश प्रक्रिया की थोड़ी जानकारी साफ नहीं हो सकती है — क्योंकि राज्य सरकार ने पूरी डिटेल अभी जारी करनी है। nursery teacher training course

Nursery Teacher Training Course: Eligibility, Duration, Syllabus & Career Opportunities

nursery teacher training course की अवधि और मोड

  • आमतौर पर यह 1 साल का डिप्लोमा कोर्स होता है।
  • कुछ संस्थान 2-साल का NTT डिप्लोमा भी देते हैं।
  • यह कोर्स ऑफलाइन (क्लासरूम) और कुछ जगह ऑनलाइन / डिस्टेंस मोड में भी होता है।

योग्यता (nursery teacher training course Eligibility)

  • न्यूनतम शिक्षा: 10+2 (12वीं) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से।
  • कुछ संस्थानों में 10वीं पास भी मान्य है, लेकिन यह संस्थान-विशेष हो सकता है।
  • कुछ जगहों पर अंकांकन की आवश्यकता होती है (जैसे 45-50%)।
  • कुछ स्रोतों में उम्र सीमा की बात की गई है (उदाहरण: 18-35 साल) — लेकिन यह हर संस्था पर लागू नहीं होती।

सिलेबस (nursery teacher training course पाठ्यक्रम)

NTT कोर्स का सिलेबस थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों को शामिल करता है। यहाँ कुछ सामान्य विषय हैं:

थ्योरी विषय:

  • बाल मनोविज्ञान और विकास (Child Psychology)
  • शिक्षा के सिद्धांत (Principles of Education)
  • स्वास्थ्य, पोषण और हाइजीन (Health & Hygiene, Nutrition)
  • सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ, प्री-स्कूल संगठन (School Management / Organisation)
  • भाषा विकास (English, Hindi, आदि) और लेखन कौशल (Handwriting)

प्रैक्टिकल / प्रोजेक्ट्स:

  • आर्ट & क्राफ्ट प्रोजेक्ट्स (Art & Craft)
  • कहानी, राइम्स, स्टोरी टेक्स्ट्स (Rhymes, Stories)
  • क्लास रूम में प्रैक्टिस टीचिंग (Practice Teaching)
  • फ्लैशकार्ड्स, मास्क बनाना आदि (Teaching Aids)
  • कंप्यूटर एप्लिकेशन, पर्सनालिटी डेवलपमेंट वगैरह।

स्कोप और करियर (nursery teacher training course Career Opportunities)

NTT पूरा करने के बाद आप कई तरह के करियर विकल्प चुन सकते हैं:

  • नर्सरी टीचर (Preschool Teacher / Nursery Teacher)
  • प्री-प्राइमरी टीचर
  • डेकयर सेंटर में शिक्षक
  • प्री-स्कूल मैनेजर / इन-चार्ज
  • होम-ट्यूटर (छोटे बच्चों को पढ़ाना)
  • आगे की पढ़ाई: आप इसके बाद अन्य एजुकेशन कोर्स जैसे B.Ed, D.El.Ed आदि कर सकते हैं।

NTT पूरा होने के बाद शुरुआती मासिक वेतन बहुत अलग-अलग हो सकता है, लेकिन कुछ स्रोतों में ₹15,000–₹30,000 / माह तक की शुरुआत हो सकती है।


फायदे (Advantages) और चुनौतियाँ

फायदे:

  • छोटे बच्चों के साथ काम करने का अच्छा अनुभव मिलता है — यह बहुत संतोषजनक करियर हो सकता है।
  • काम-जीवन संतुलन: प्री-स्कूल टीचर्स के काम के घंटे अक्सर लचीले होते हैं।
  • रोजगार का अवसर बढ़ रहा है क्योंकि प्री-स्कूल और नर्सरी क्लासेज में टीचर्स की मांग होती है।
  • यह कदम आगे की शिक्षा जैसे B.Ed या अन्य शिक्षण कोर्स के लिए भी एक बुनियाद हो सकता है।

चुनौतियाँ:

  • कुछ संस्थानों की फीस अधिक हो सकती है, और प्रशिक्षण में प्रैक्टिकल/इंटर्नशिप भी जरूरी होती है।
  • नौकरी मिलने की गारंटी नहीं होती — यह क्षेत्र निजी स्कूलों और आंगनवाड़ियों पर निर्भर करता है।
  • शुरुआती वेतन बहुत अधिक नहीं हो सकता है, खासकर छोटी संस्थाओं में।

राजस्थान-विशेष ध्यान देने वाली बातें-

  • जैसा कि ऊपर बताया गया है, राजस्थान में NTT कोर्स फिर से शुरू हो चुका है, लेकिन अब इसे Diploma in Pre-School Education कहा जा रहा है।
  • DIET संस्थानों में सीट सीमित हैं (~50 प्रति DIET) — इसलिए दाखिले के लिए जल्दी जानकारी इकट्ठा करना महत्वपूर्ण होगा।
  • यह कोर्स सरकारी नर्सरी / प्री-प्राइमरी स्कूलों में नौकरी पाने में मदद कर सकता है — खासकर जहां शिक्षक की कमी है।

प्री-प्राइमरी शिक्षा (Pre-Primary Education) का ढांचा अब ‘नई शिक्षा नीति (NEP) 2020‘ के तहत बहुत महत्वपूर्ण हो गया है।
भारत में उपलब्ध प्रमुख NTT (Nursery Teacher Training) और DPSE (Diploma in Pre-School Education) कोर्सेस की विस्तृत सूची और उनका विवरण नीचे दिया गया है।

प्रमुख कोर्सेस की सूची (List of Major Courses)
भारत में प्री-स्कूल शिक्षक बनने के लिए मुख्य रूप से तीन प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं:

1. डिप्लोमा इन प्री-स्कूल एजुकेशन (DPSE)

यह वर्तमान में सबसे मान्य कोर्स है। NCTE (National Council for Teacher Education) द्वारा मान्यता प्राप्त कोर्स को अब अक्सर DPSE कहा जाता है।
* अवधि (Duration): 2 वर्ष।
* मान्यता: यह कोर्स सरकारी शिक्षक भर्ती (जैसे DSSSB, KVS) के लिए पूरी तरह मान्य है।
* प्रवेश प्रक्रिया: अधिकतर राज्यों में मेरिट (12वीं के अंक) या प्रवेश परीक्षा के आधार पर सरकारी और प्राइवेट डाइट (DIET) में एडमिशन होता है।

2. नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (NTT) – डिप्लोमा

यह पारंपरिक कोर्स है जो कई निजी संस्थान और कुछ सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान कराते हैं।
* अवधि: 1 वर्ष या 2 वर्ष (सरकारी नौकरी के लिए 2 वर्ष का कोर्स बेहतर माना जाता है)।
* महत्व: प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने के लिए यह सबसे लोकप्रिय है।
* चेतावनी: कई संस्थान बिना NCTE मान्यता के यह कोर्स कराते हैं, इसलिए एडमिशन से पहले मान्यता जांचना बहुत जरूरी है।

3. डिप्लोमा इन अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (DECCE)

यह कोर्स विशेष रूप से छोटे बच्चों (0-6 वर्ष) के समग्र विकास पर केंद्रित है।
* संस्थान: इग्नू (IGNOU) और NIOS (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग) इसे बहुत अच्छे स्तर पर कराते हैं।
* फायदा: जो लोग नौकरी के साथ-साथ (Distance Mode) पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए यह बेहतरीन है।

4. मोंटेसरी टीचर ट्रेनिंग (MTT)

यह मारिया मोंटेसरी पद्धति पर आधारित विशेष कोर्स है।
* फोकस: खेल-खेल में शिक्षा और उपकरणों (tools) के माध्यम से सिखाना।
* अवधि: 6 महीने से 1 वर्ष।
* स्कोप: मोंटेसरी स्कूलों और प्ले-स्कूलों में इसकी मांग बहुत अधिक है।

महत्वपूर्ण सुझाव (Teacher to Teacher Advice)
मैं आपको यह विशेष सलाह देना चाहूंगा कि NCTE की वेबसाइट पर जाकर कॉलेज की मान्यता जरूर चेक करें। राजस्थान या किसी भी राज्य में कई संस्थान ‘फर्जी’ डिग्री देते हैं जो सरकारी भर्ती में मान्य नहीं होती। केवल वही कोर्स करें जो NCTE (National Council for Teacher Education) से अप्रूव्ड हो।

Nursery Teacher Training Course उन छात्रों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है जो Early Childhood Education में अपना करियर बनाना चाहते हैं। NTT Course पूरी करने के बाद सरकारी व प्राइवेट स्कूलों, प्ले-स्कूल, डे-केयर सेंटर और प्री-प्राइमरी संस्थानों में नौकरी के अनेक अवसर मिलते हैं।

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